Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

फांसी की सजा पाए इन 35 लोगों की दया याचिका भी खारिज कर चुके हैं राष्ट्रपति

नई दिल्ली। दिल्ली के 2012 के निर्भया गैंगरेप और मर्डर केस के चारो आरोपियों को 22 जनवरी को फांसी दी जाएगी। पटियाला हाउस कोर्ट ने मंगलवार को निर्भया गैंगरेप के चारों दोषियों का डेथ वारंट जारी कर दिया है। इन चार लोगों के अलावा इस समय फांसी भारत की जेलों में 35 और ऐसे लोग बंद हैं, जिनको फांसी की सजा हुई है और उनकी दया याचिका राष्ट्रपति खारिज कर चुके हैं।

निर्भया के अलावा 35 फांसी की याचिका खारिज

निर्भया के अलावा 35 फांसी की याचिका खारिज

बता दें कि राष्ट्रपति के पास किसी सजा को क्षमा करना को माफ करने का अधिकार होता है। राष्ट्रपति सजा को कम भी कर सकता है। जैसे मृत्यु दंड की सजा को आजीवन कारावास में बदल सकता है। ऐसे में राष्ट्रपति के दया याचिका खारिज करने के बाद फांसी की सजा पाए अपराधी का बचना मुश्किल होता है। निर्भया के चार दोषियों के अलावा देश की जेलों में इस समय ऐसे 35 अपराधी हैं। इनमें निठारी कांड के दोषी सुरेंद्र कोली का नाम भी है। निठारी का मामला काफी चर्चित रहा था, जिसमें कोली को फांसी की सजा हुई है। 2014 में कोली की दया याचिका को राष्ट्रपति खारिज कर चुके हैं।

 इनमें चार महिला अपराधी भी

इनमें चार महिला अपराधी भी

इन 35 अपराधियों में 31 पुरुष हैं तो 4 महिलाएं भी हैं। इन महिलाओं में हरियाणा की सोनिया, यूपी की शबनम हैं। दो अन्य महाराष्ट्र की रेणुका और सीमा हैं। चारों महिलाएं हत्या के केस में फांसी की सजा पाई हैं और इन चार महिलाओं की फांसी की सजा माफ करने को लेकर डाली गई दया याचिका राष्ट्रपति खारिज कर चुके हैं।

निर्भया के दोषियों को मिली फांसी

निर्भया के दोषियों को मिली फांसी

दिल्ली में चलती बस में गैंगरेप करने और फिर लड़की को बुरी तरह से जख्मी कर सड़क पर फेंकने के केस में कोर्ट ने चार को फांसी की सजा सुनाई है। ये केस सात साल पहले का है। 16 दिसंबर, 2012 की रात अपने दोस्त के साथ बस में चढ़ी 23 साल की छात्रा के साथ छह लोगों ने चलती बस में गैंगरेप किया था और लोहे की रॉड से उस पर वार किया था। इसके बाद घायल हालत में उसे सड़क पर फेंककर फरार हो गए थे। पीड़िता ने बाद में इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया। मामले के चार दोषी विनय शर्मा, मुकेश सिंह, पवन गुप्ता और अक्षय कुमार सिंह को फांसी की सजा सुनाई गई है। एक अन्य दोषी राम सिंह ने 2015 में तिहाड़ जेल में कथित रूप से आत्महत्या कर ली थी। एक नाबालिग दोषी को सुधार गृह में तीन साल की सजा काटने के बाद 2015 में रिहा हो गया था।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+