Nicobar Earthquake: निकोबार द्वीप समूह पर ढाई घंटे में 3 भूकंप, रिक्टर स्केल पर तीव्रता 5.3, जानिए अपडेट
Nicobar Earthquake: निकोबार द्वीप पर धरती के कांपने का एहसास। ढाई घंटे में तीन बार भूकंप से सहमे लोग। रिक्टर स्केल पर भूकंप की सबसे तेज 5.3 मापी गई। जानिए अपडेट

Nicobar Earthquake Richter scale पर रविवार को ढाई घंटे के भीतर तीन भूकंप के झटके लगे। पहली बार रविवार दोपहर करीब 01.16 बजे धरती हिलने का एहसास हुआ। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.9 मापी गई।
दूसरा झटका करीब तीन बजे
दूसरा झटका भले ही 4.1 तीव्रता वाला रहा, लेकिन अंडमान निकोबार द्वीप समूह पर रहने वाले लोग भूकंप के झटकों से सहम गए। National Center for Seismology (NCS) ने बताया कि दूसरी बार झटके करीब तीन बजे लगे।
10 किलोमीटर की गहराई में भूकंप
बयान में कहा गया कि भूकंप के झटकों के कारण द्वीप समूह पर जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है। निकोबार में भूकंप के हल्के झटके रविवार दोपहर ढाई से तीन बजे के बीच महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र करीब 10 किलोमीटर की गहराई में मापा गया।
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तीसरा झटका पहले से तगड़ा, तीव्रता 5 से ऊपर
भूकंप के झटकों के बारे में समाचार एजेंसी ANI की रिपोर्ट के अनुसार, शाम करीब 4.01 बजे 5.3 तीव्रता का भूकंप का तीसरा झटका भी महसूस किया गया। अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
एक घंटे में दूसरा झटका
NCS के अनुसार निकोबार में भूकंप का तीसरा झटका शाम 4.01 बजे लगा। यानी एक घंटा एक मिनट बीतते ही रविवार को दूसरी बार धरती कांपी। लगातार तीन झटकों के बाद भय का माहौल है।
अफगानिस्तान में भी डोली धरती
NCS के अनुसार, निकोबार से पहले रविवार को ही अफगानिस्तान में भी भूकंप के हल्के झटके लगे। रविवार दोपहर 12.44 बजे रिक्टर स्केल पर 4.7 तीव्रता वाले भूकंप के झटके लगे।
अरुणाचल प्रदेश में भूकंप
रविवार को ही पूर्वोत्तर भारत में भी धरती हिलने की सूचना आई। अफगानिस्तान में झटकों से करीब एक घंटे पहले पहले अरुणाचल प्रदेश में 3.4 मैग्नीट्यूड का भूकंप आया। जान माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
6 अप्रैल को भी भूकंप के झटके लगे थे
भूकंप के बारे में टाइम्स नाऊ की रिपोर्ट के अनुसार, इस हफ्ते की शुरुआत में 6 अप्रैल को रिक्टर स्केल पर 4.6 तीव्रता का भूकंप अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में आया था। भूकंप का केंद्र पोर्टब्लेयर के 140 किमी पूर्वोत्तर और पूर्व दिशा (ENE) के बीच रहा था।
बचाव के लिए NCS के सुझाव
भूकंप की स्थिति में जानमाल का अधिक नुकसान न हो, ये सुनिश्चित करने के लिए क्या नहीं करना है, इसकी जानकारी सबसे जरूरी है। NCS ने बताया है कि बिजली के स्विच बंद रखें। पानी के नल भी खुले नहीं छोड़ने।
भारी सामान को ऊपर न रखें
सावधानी बरतते हुए लोगों से अपील की जाती है कि भीतरी रैक पर शीशे या दूसरी भारी चीजें सबसे नीचे रखें। बाहरी दीवारों पर गमले जैसी भारी सामान रखने से बचें। फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और स्थानीय पुलिस के संपर्क में रहना भी जरूरी है।
पैनिक न करें, एक-दूसरे का सपोर्ट करें
भूकंप से बचाव के लिए सबसे जरूरी बात पैनिक न करना है। सक्षम लोग संभव हो तो बहुमंजिला इमारतों से बाहर निकल कर खुले मैदान में आ सकते हैं। घरों के भीतर टेबल या मजबूत चारपाई के नीचे भी शरण ली जा सकती है।
इंडोनेशिया का भूकंप
इससे पहले विगत तीन अप्रैल को इंडोनेशिया में भी 6.1 तीव्रता वाले भूकंप के झटकों का एहसास हुआ था। भूकंप के कारण किसी के हताहत होने या जानमाल की क्षति की सूचना नहीं थी।












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