गैंगस्टर-आतंकियों की अब खैर नहीं, NIA ने 7 राज्यों में 122 स्थानों पर की ताबड़तोड़ छापेमारी

NIA Raids: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने दिल्ली, यूपी, पंजाब से राजस्थान तक देशभर में 122 ठिकानों पर छापेमारी की है।

NIA Raid Today

Gangster Terror Link: गैंगस्टर-टेटर लिंक मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जानकारी के मुताबिक, जांच एजेंसी ने 8 राज्यों में सैकड़ों ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है। एनआईए ने बुधवार को 'ऑपरेशन ध्वस्त' के तहत 324 स्थानों पर छापा मारा और कुख्यात आतंकवादी- गैंगस्टर-ड्रग तस्करों के सांठगांठ के मामले में कार्रवाई की।

आठ राज्यों - पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, यूपी, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, चंडीगढ़ और मध्य प्रदेश में की गई छापेमारी के दौरान कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। एनआईए ने जहां 129 ठिकाने खंगाले वहीं पंजाब पुलिस ने 17 जिलों में 143 स्थानों पर तलाशी शुरू की और हरियाणा पुलिस ने 10 जिलों में एक साथ 52 स्थानों पर छापेमारी की, जो सुबह 5.30 बजे से शुरू हुई।

जानकारी के मुताबिक NIA और राज्य की पुलिस की छापेमारी लॉरेंस विश्नोई, छेनू पहलवान, दीपक तीतर, भूपी राणा, विकास लगरपुरिया, आशीष चौधरी, गुरप्रीत सेखों, दिलप्रीत बाबा, हरसिमरत सिम्मा और लेडी गैगस्टर अनुराधा जैसे खूंखार दर्जन भर गैंगस्टर्स के करीबियों पर की गई है।

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    इनमें दिल्ली-NCR में 32, पंजाब में 65 और राजस्थान में 18 ठिकानों पर इसके अलावा हरियाणा, यूपी, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश में भी छापेमारी की गई है। बुधवार को छापे का फोकस हथियार सप्लायर, फाइनेंसरों, हवाला ऑपरेटरों पर था, जो पाकिस्तान और कनाडा जैसे अन्य देशों के ड्रग तस्करों और आतंकवादियों के साथ काम करने वाले कट्टर गिरोहों से जुड़े थे।

    छापेमारी टीम ने 60 मोबाइल फोन, 5 डीवीआर, 20 सिम कार्ड, 1 हार्ड डिस्क, 1 पेन ड्राइव, 1 डोंगल, 1 वाईफाई राउटर, एक डिजिटल घड़ी के अलावा 1 पिस्टल, मिश्रित गोला बारूद (जिंदा और इस्तेमाल किए गए कारतूस दोनों) जब्त किए हैं। इसके अलावा दो मेमोरी कार्ड, 75 दस्तावेज और 39,60,000 रुपये नकद जब्त किए हैं।

    एनआईए की जांच से पता चला है कि साजिशें विभिन्न राज्यों की जेलों में रची जा रही थीं और विदेशों में स्थित गुर्गों के एक संगठित नेटवर्क द्वारा इसे अंजाम दिया जा रहा था। कई जेलों के घातक गठजोड़ और गिरोह के संघर्ष के केंद्र बनने की खबरों के बाद इन गिरोहों पर ध्यान फोकस हो गया है, जिसके परिणामस्वरूप हाल ही में गोइंदवाल जेल और तिहाड़ जेल के अंदर हिंसा और हत्या हुई है।

    एनआईए ने आगे पाया कि कई अपराधी, जो भारत में गैंगस्टरों का नेतृत्व कर रहे थे, पाकिस्तान, कनाडा, मलेशिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में भाग गए थे, जहां से वे भारत भर की जेलों में बंद अपराधियों के साथ मिलकर गंभीर अपराधों की योजना बनाने में लगे हुए थे। ये ग्रुप ड्रग्स और हथियारों की तस्करी, हवाला और जबरन वसूली के जरिए टारगेट हत्याएं कर रहे थे और अपनी नापाक गतिविधियों के लिए धन जुटा रहे थे।

    जिन स्थानों पर बुधवार को छापे मारे गए उनमें पंजाब के अबोहर, मोगा, फाजिल्का, लुधियाना, मोहाली, फिरोजपुर, तरनतारन, लुधियाना, फरीदकोट, रूपनगर, नवाशहर, फिरोजपुर, अमृतसर, पटियाला, बरनाला और जालंधर जिले; हरियाणा के गुरुग्राम, यमुना नगर, अंबाला, रोहतक, सिरसा, कुरुक्षेत्र और झज्जर जिले; राजस्थान के श्री गंगा नगर, चूरू, बीकानेर और जयपुर जिले; उत्तर प्रदेश में बागपत, मेरठ और लखनऊ; मध्य प्रदेश के भिंड और बड़वानी जिले; द्वारका के अलावा, दिल्ली और एनसीआर के उत्तर, उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण, बाहरी और बाहरी उत्तरी जिले शामिल हैं।

    इससे पहले 15 मई को एनआईए के टीम ने जम्मू कश्मीर के पुलवामा समेत 15 जगहों पर मेंछापेमारी की थी । एनआईए की टीम यह छापेमारी आतंकी साजिश मामले में कर रही थी।

    एनआईए द्वारा दर्ज तीन मामलों के संबंध में तलाशी जारी
    एनआईए द्वारा दर्ज तीन मामलों के संबंध में तलाशी जारी है। छापेमारी और तलाशी पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में स्थित संगठित आपराधिक सिंडिकेट और नेटवर्क, शीर्ष गैंगस्टरों और उनके आपराधिक और व्यापारिक सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई का हिस्सा है।

    कई आपराधिक गिरोह अब दुबई से संचालित हो रहे
    उत्तर भारत में सक्रिय कई आपराधिक गिरोह अब दुबई से संचालित हो रहे हैं और खालिस्तान समर्थक संगठन अपने नेटवर्क का उपयोग 1990 के दशक में अंडरवर्ल्ड की तर्ज पर गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए कर रहे हैं। अर्श डाला और गौरव पटियाल जैसे भगोड़े, जो विदेशों में स्थित हैं, लक्षित हत्याओं, जबरन वसूली और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए भारतीय जेलों और अन्य देशों में बंद खालिस्तान समर्थक तत्वों के संपर्क में हैं। यह भी पता चला है कि जेल ऐसी जगह रही है जहां अपराध-आतंकवाद का गठजोड़ मजबूत हुआ है।'

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