NIA Raids की जद में पंजाब, हरियाणा राजस्थान समेत कई राज्य, आतंकी और तस्करों पर नकेल कसने की तैयारी
NIA Raids के दौरान पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (Delhi NCR) में कई ठिकानों पर तलाशी ली गई। NIA Raids in punjab haryana rajasthan delhi ncr
NIA Raids के दौरान पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (Delhi NCR) में छापेमारी की। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने भारत और विदेशों में स्थित आतंकवादियों, गैंगस्टरों और ड्रग तस्करों / तस्करों के बीच उभरती गठजोड़ को खत्म करने के लिए कमर कस ली है।

नापाक मंसूबों पर नकेल कसने की तैयारी
आतंकियों और तस्करों के नापाक मंसूबों को नेस्तनाबूंद करने के लिए NIA अधिकारियों ने पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मंगलवार तड़के उत्तर भारत के कई राज्यों में कई स्थानों पर गिरोहों और आतंकी समूहों के बीच साठगांठ के आरोपों के तहत चल रहे मामलों में तलाशी ली। एनआईए की अलग-अलग टीमों ने राज्य पुलिस बलों के साथ मिलकर कुछ विशिष्ट इनपुट के आधार पर गैंगस्टरों के कुछ स्थानों पर एक साथ छापेमारी की।
जम्मू-कश्मीर में ड्रोन एक्टिविटी
समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक NIA अधिकारियों ने इससे पहले 14 अक्टूबर को ड्रोन डिलीवरी मामले में जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले सहित कई स्थानों पर तलाशी ली थी। एनआईए के मुताबिक, इस मामले में अब तक किसी को हिरासत में नहीं लिया गया है।
191 अवैध ड्रोन भारतीय सीमा में घुसे
बता दें कि पिछले नौ महीनों में, सुरक्षा बलों ने पड़ोसी देश पाकिस्तान से भारतीय क्षेत्र में 191 अवैध ड्रोन एंट्री देखी है। इतने बड़े पैमाने पर इलीगल ड्रोन एंट्री से देश में आंतरिक सुरक्षा के मामले में बड़ी चिंता पैदा होती है।

BSF ने मार गिराया ड्रोन
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने हाल ही में पाकिस्तान की ओर से भारतीय सीमा में ड्रोन भेजने के अवैध प्रयासों संबंधी इनपुट को भारत-पाकिस्तान सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों से शेयर किया। बता दें कि सोमवार को सीमा सुरक्षा बलों (BSF) ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की ओर से पंजाब के अमृतसर सेक्टर में भारत में घुसे एक ड्रोन को मार गिराया था।
आतंक और दहशत के साम्राज्य पर रेड
समाचार एजेंसी एएनआई ने एक सूत्र के हवाले से बताया, एनआईए ने गत 12 सितंबर को पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र की 50 लोकेशंस पर इसी तरह की तलाशी ली थी। ANI के मुताबिक इस साल 26 अगस्त को दिल्ली पुलिस द्वारा पहले दर्ज किए गए दो मामलों को फिर से दर्ज करने के बाद आतंकवाद विरोधी एजेंसी- NIA ने गैंग और आतंकी सांठगांठ के खिलाफ जांच शुरू की। भारत और विदेश के कुछ सबसे हताश गिरोह के नेताओं और उनके सहयोगी आतंकी और आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं, उनकी पहचान कर NIA ने इन पर मामला दर्ज किया है। एनआईए ने पहले कहा था, "हाल ही में सनसनीखेज अपराध और आपराधिक सिंडिकेट और गैंगस्टरों द्वारा व्यवसायियों, डॉक्टरों सहित पेशेवरों आदि को जबरन वसूली संबंधी फोन कॉल के कारण लोगों में व्यापक भय पैदा हुआ था।"
देश के भीतर और बाहर गहरी साजिश
NIA के अनुसार आतंकी गिरोह बड़े पैमाने पर जनता के बीच आतंक पैदा करने और अपराधों को प्रचारित करने के लिए साइबर स्पेस का उपयोग कर रहे थे। एनआईए जांच में यह भी पता चला कि सामने आए आपराधिक कृत्य अलग-अलग स्थानीय घटनाएं नहीं, बल्कि आतंकवादियों, गैंगस्टरों और नशीली दवाओं की तस्करी करने वाले गिरोहों और नेटवर्कों के बीच एक गहरी साजिश थी, जो देश के भीतर और बाहर दोनों जगह से काम कर रहे थे।
जेलों के अंदर से रची गई साजिशें
एनआईए ने कहा, "कई गिरोह के नेता और सदस्य भारत से भाग गए थे और अब पाकिस्तान, कनाडा, मलेशिया और ऑस्ट्रेलिया सहित विदेशों से काम कर रहे हैं।" NIA पंजाब में शौर्य चक्र पुरस्कार विजेता कॉमरेड बलविंदर सिंह की हत्या के मामले की जांच भी कर रही है। जांच के दौरान यह भी पता चला है कि अधिकांश साजिशें विभिन्न राज्यों की जेलों के अंदर से रची जा रही थीं। संगठित नेटवर्क और विदेश में स्थित गुर्गों ने वारदातों को अंजाम दिया।
ड्रग्स और हथियारों की तस्करी
NIA के विस्तृत बयान में कहा गया, "प्रारंभिक जांच से पता चला है कि ये गिरोह अपने आपराधिक सिंडिकेट और गतिविधियों को चलाने और बढ़ावा देने के लिए आम जनता को आतंकित कर रहे थे। आतंक और दहशत का साम्राज्य फैलाने के लिए टारगेट किलिंग को अंजाम दिया गया। इनमें प्रमुख लोग भी शामिल थे। ड्रग्स और हथियारों की तस्करी के जरिए ये गिरोह आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए धन भी जुटा रहे थे।"
पिछले महीने की छापेमारी में किन इलाकों में हुई तलाशी
अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद और अपराध नेटवर्क को खत्म करने के लिए पिछले महीने की गई छापेमारी के दौरान, एनआईए ने फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर साहब, मोगा, तरण तारन, अमृतसर, लुधियाना, चंडीगढ़, पंजाब के मोहाली जिलों, पूर्वी गुरुग्राम और भिवानी के 50 स्थानों पर तलाशी ली थी। , हरियाणा के यमुना नगर, सोनीपत और झज्जर जिले, राजस्थान के हनुमानगढ़ और गंगानगर जिले और द्वारका, बाहरी उत्तर, उत्तर पश्चिम, उत्तर पूर्व और दिल्ली / एनसीआर के शाहदरा जिलों में भी NIA की छापेमारी हुई थी।
किन गैंगस्टर्स के ठिकानों पर NIA ने तलाशी ली
एनआईए ने इसके बाद गोल्डी बराड़ (कनाडा), लॉरेंस बिश्नोई, जग्गू भगवानपुरिया, वरिंदर प्रताप उर्फ काला राणा, काला जठेड़ी, विक्रम बराड़, गौरव पटियाल उर्फ लकी पटियाल, नीरज बवाना, कौशल चौधरी के परिसरों की भी तलाशी ली थी। , टिल्लू ताजपुरिया, अमित डागर, दीपक कुमार उर्फ टीनू, संदीप उर्फ बंदर, उमेश उर्फ काला, इरफान उर्फ चीनू पहलवान, आशिम उर्फ हाशिम बाबा, सचिन भांजा व उनके साथियों के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई थी। लकी पटियालपहले आर्मेनिया में गिरफ्तार किया गया था।
50 ठिकानों पर रेड में NIA को क्या मिला
इन राज्यों में तलाशी के दौरान NIA ने गोला-बारूद के साथ छह पिस्तौल, एक रिवॉल्वर, एक बन्दूक जब्त किया था। पिछले महीने किए गए ऑपरेशन में NIA ने ड्रग्स, नकदी, आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, बेनामी संपत्ति का विवरण और धमकी भरे पत्र भी जब्त किए थे।












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