NIA Arrests Khalistani: खालिस्तानी आतंकी लखबीर सिंह लांडा का सहयोगी गिरफ्तार, जानें कैसे दबोचा गया?
NIA Arrests Khalistani: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने खालिस्तानी आतंकवादी लखबीर सिंह उर्फ लांडा और गैंगस्टर बचितर सिंह उर्फ पवितर बटाला के नेटवर्क को तोड़ने में बड़ी सफलता हासिल की है। सोमवार को एनआईए ने लांडा के करीबी सहयोगी जतिंदर सिंह उर्फ ज्योति को मुंबई से गिरफ्तार किया।
जतिंदर सिंह, जो पंजाब के गुरदासपुर का निवासी है, बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के आतंकी नेटवर्क का हिस्सा है। एनआईए की जांच में यह सामने आया कि जतिंदर सिंह लांडा और बटाला के लिए हथियार सप्लाई करने का काम कर रहा था।

एनआईए ने बताया कि जतिंदर ने मध्य प्रदेश (एमपी) के आपूर्तिकर्ता बलजीत सिंह उर्फ राणा भाई से हथियार खरीदकर पंजाब में लांडा के गुर्गों तक पहुंचाए। जुलाई 2024 में बलजीत की गिरफ्तारी के बाद जतिंदर फरार था।
कैसे पकड़ा गया जतिंदर?
एनआईए ने तकनीकी और जमीनी स्तर पर सटीक जानकारी जुटाकर जतिंदर सिंह को मुंबई से गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी एनआईए के निरंतर तलाशी अभियानों और खुफिया प्रयासों का नतीजा है।
हथियारों की तस्करी की योजना विफल
एनआईए की जांच के अनुसार, जतिंदर ने एमपी से 10 पिस्तौलें पंजाब में तस्करी करके लांडा और बटाला के गुर्गों को दी थीं। उसने एमपी से और अधिक हथियार पंजाब लाने की योजना बनाई थी, लेकिन एनआईए की सतर्कता और कार्रवाई के चलते उसकी ये योजना विफल हो गई।
एनआईए की रणनीति: आतंक-गैंगस्टर गठजोड़ पर लगाम
एनआईए ने जतिंदर की गिरफ्तारी को भारत में आतंकवादी गतिविधियों को रोकने की दिशा में बड़ा कदम बताया। एजेंसी ने कहा कि वह हथियारों, गोला-बारूद और विस्फोटकों की तस्करी के जरिए भारत में आतंकवाद फैलाने की साजिश को खत्म करने पर काम कर रही है।
लांडा और बटाला का नेटवर्क
लांडा, जो विदेश में स्थित है, ने भारत में बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के लिए एक आतंकी गिरोह तैयार किया है। इस नेटवर्क का उद्देश्य पंजाब में अस्थिरता फैलाना और आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देना है। जतिंदर सिंह इस नेटवर्क का अहम हिस्सा था।
क्या है बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई)?
बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) एक प्रतिबंधित खालिस्तानी संगठन है, जो भारत में आतंकवादी गतिविधियों के लिए कुख्यात है। यह संगठन हथियारों की तस्करी और धन जुटाने के लिए अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर निर्भर है।
आगे की जांच और कार्रवाई
एनआईए अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों को पकड़ने के लिए अभियान जारी रखे हुए है। बलजीत सिंह और जतिंदर सिंह के पकड़े जाने के बाद एनआईए का अगला लक्ष्य उन गुर्गों को गिरफ्तार करना है, जिन्हें इनसे हथियार मिले थे।
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