कश्मीर के सिंध नाले में प्रदूषण पर NGT ने लगाई फटकार, कहा- अनदेखी पर होग सख्त एक्शन
जम्मू कश्मीर को साप सुधरा बनाए लगने के लिए लगातर एक्यूआई से लोगों को अपडेट करते रहते हैं। इस बीज केंद्र शासित प्रदेश में सिंध नाले की स्थिति को लेकर एनजीटी ने चिंता प्यक्त की है। दरअसल,सिंध नाला, झेलम नदी की एक महत्वपूर्ण सहायक नदी, सिंचाई, जल विद्युत उत्पादन और रनगिल जल उपचार संयंत्र के माध्यम से श्रीनगर को पीने का पानी आपूर्ति करने के लिए महत्वपूर्ण है। रिपोर्ट के अनुसार, नाला कभी ताजे पानी का एक प्राचीन स्रोत था लेकिन अनियंत्रित कचरा डालने के कारण भारी प्रदूषित हो गया है।
एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य अफरोज अहमद की पीठ ने नोट किया कि समाचार आइटम पर्यावरणीय मानदंडों के अनुपालन से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाता है। ट्रिब्यूनल ने इस मामले में कई अधिकारियों को प्रतिवादी के रूप में सम्मिलित किया है।

प्रतिवादियों में केंद्रीय पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय का जम्मू क्षेत्रीय कार्यालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जम्मू और कश्मीर प्रदूषण नियंत्रण समिति के सदस्य सचिव, गंदरबल के उपायुक्त और केंद्र शासित प्रदेश में मत्स्य विभाग के आयुक्त शामिल हैं।
एनजीटी ने इन प्रतिवादियों को नोटिस जारी किए हैं, जिसमें उन्हें 11 दिसंबर को अगली सुनवाई की तारीख से कम से कम एक सप्ताह पहले हलफनामे के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया दाखिल करने की आवश्यकता है। ट्रिब्यूनल ने यह भी कहा कि यदि कोई प्रतिवादी अपने वकील के माध्यम से रूट किए बिना सीधे अपना जवाब दाखिल करता है, तो उन्हें ट्रिब्यूनल की सहायता के लिए आभासी रूप से उपस्थित रहना होगा।












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