'NewsClick के पत्रकार ने 2019 के चुनावों में..., माओवादी से दोस्ती', दिल्ली पुलिस की FIR की 10 बड़ी बातें
NewsClick Row Delhi Police FIR: न्यूजक्लिक से जुड़े पत्रकारों पर हुई पुलिस की कार्रवाई के बाद अब दिल्ली पुलिस की एफआईआर कॉपी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली पुलिस की FIR में न्यूजक्लिक के फाउंडर और पत्रकार प्रबीर पुरकायस्थ समेत कई पत्रकारों पर गंभीर आरोप हैं।
FIR में कहा गया है कि न्यूजक्लिक के फाउंडर और पत्रकार प्रबीर पुरकायस्थ ने कथित तौर पर 2019 के लोकसभा चुनावों में पीपुल्स अलायंस फॉर डेमोक्रेसी एंड सेक्युलरिज्म नाम के एक समूह के साथ साजिश रची थी। वहीं इस इस साजिश को आगे बढ़ाने के लिए Xiaomi और Vivo जैसी चीनी कंपनियों ने विदेशी धन जुटाने के लिए शेल कंपनियों को शामिल किया था।

न्यूजक्लिक के कैशबुक और विदेशी फंडिंग में अनियमितताओं के आरोपों पर पांच शहरों में छापेमारी के बाद, न्यूजक्लिक के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ और इसके एचआर अमित चक्रवर्ती को मंगलवार को कड़े आतंकवाद विरोधी गैरकानूनी कानून के तहत अगस्त में दर्ज एक मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। इनके खिलाफ गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की धारा 153ए (शत्रुता को बढ़ावा देना) और 120बी (आपराधिक साजिश) का आरोप है।
दिल्ली पुलिस की FIR में क्या-क्या?
- 1. - हिन्दुस्तान टाइम्स के मुताबिक एफआईआर में आरोपियों में एक्टिविस्ट गौतम नवलखा और चीनी प्रोपेगैंडा फैलाने के आरोपी अमेरिकी करोड़पति नेविल रॉय सिंघम का नाम भी शामिल है। इन्ही तीन लोगों को मुख्य आरोपी बनाया गया है।
- 2. -एफआईआर में कहा गया है कि, गौतम नवलखा के संबंध पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के एजेंट गुलाम नबी फई से भी है। गौतम नवलखा भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में भी आरोपी थे, वो फिलहाल अभी हाउस अरेस्ट में हैं।
- 3. -एफआईआर में कहा गया है कि पुलिस प्रबीर पुरकायस्थ और उनके सहयोगियों को कथित तौर पर मिले फंड के सोर्स का जांच कर रही थी। हालांकि एफआईआर में इसके संबंध में पूछताछ किए गए सभी 46 संदिग्धों के नामों का उल्लेख नहीं है।
- 4. -एफआईआर में कहा गया है कि प्रबीर पुरकायस्थ ने कथित तौर पर विदेशी फंड की हेराफेरी की और इसे एक्टिविस्ट गौतम नवलखा और तीस्ता सीतलवाड़ के सहयोगियों को दिया था।
- 5. - एफआईआर में गुप्त सूचनाओं का हवाला दिया गया है और कहा गया है कि भारतीय और विदेशी संस्थाओं ने अवैध रूप से करोड़ों रुपये की धनराशि न्यूजक्लिक में निवेश की थी।
- 6. - एफआईआर में कहा गया है कि यह भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को बाधित करने, असंतोष पैदा करने और देश की एकता और अखंडता को खतरे में डालने की साजिश और इरादे के तहत किया गया था।
- 7. -एफआईआर में प्रबीर पुरकायस्थ, अमित सेनगुप्ता, डी रघुनंदन, बप्पादित्य सिन्हा, नवलखा, अमित चक्रवर्ती और वर्ल्डवाइड मीडिया होल्डिंग एलएलसी को न्यूजक्लिक के शेयरधारकों के रूप में संदर्भित किया गया है।
- 8.- इसमें कहा गया है कि गौतम नवलखा 2018 में स्थापना के बाद से न्यूजक्लिक में शेयरधारक थे, जबकि उन पर प्रतिबंधित नक्सली (माओवादी) संगठनों को "सक्रिय रूप से समर्थन" करने जैसी भारत विरोधी और गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया था।
- 9. -एफआईआर में कहा गया है कि इनकी कोशिशों से पता चलता है कि ये लोग कश्मीर और अरुणाचल को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवादित हिस्से के रूप में दिखा रहे थे।
- 10- एफआईआर में में कहा गया है कि आरोपियों ने अवैध फंडिंग के जरिए किसान आंदोलन का समर्थन किया और संपत्ति का नुकसान पहुंचाया है।












Click it and Unblock the Notifications