New GST Rates: बीड़ी सस्ती, सिगरेट महंगी! नए GST फैसले ने चौंकाया, सरकार ने क्यों उठाया ऐसा कदम?
New GST Rates (Bidi Cigarette): केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने गुड एंड सर्विस टैक्स यानी GST स्लैब में कई बदलाव किए हैं। GST सुधारों में तंबाकू उत्पादों पर बड़ा फैसला लिया गया है। जहां एक ओर सिगरेट और गुटखा जैसे उत्पाद महंगे हो जाएंगे, वहीं बीड़ी अब थोड़ी सस्ती मिलेगी। अब तक बीड़ी पर 28% GST लगता था, जिसे घटाकर 18% कर दिया गया है। बीड़ी बनाने में इस्तेमाल होने वाले तेंदू पत्ते पर भी 18% से घटाकर सिर्फ 5% GST कर दिया गया है। इसके उलट सिगरेट और गुटखा पर अब 40% GST देना होगा, जो पहले 28% था।
बीड़ी सस्ती, सिगरेट महंगी, सरकार के इस नए फैसले ने सबको चौंका दिया है। सोशल मीडिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर बीड़ी सस्ती क्यों गई है, क्या ये सिगरेट से कम नुकसान करती है। ऐसे में आइए समझने की कोशिश करते हैं कि आखिर सरकार ने बीड़ी पर जीएसटी क्यों कम किए हैं।

सोशल मीडिया पर उठे सवाल, क्या बीड़ी कम हानिकारक है?
हालांकि इस फैसले को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिल रही हैं। कई यूजर्स ने पूछा कि अगर सिगरेट सेहत के लिए हानिकारक है तो क्या बीड़ी कम हानिकारक है? सोशल मीडिया पर व्यंग्यात्मक पोस्ट भी सामने आए, जिनमें कहा गया कि सरकार ने दिखा दिया कि वह "जनता" के साथ हैं।
Beedi jalaye re …. Would become fav song in Bihar election now post reduction in gst … Sarkar ko lagta hain ki bidi sehat ke liye cigarette se behtar hain :-) pic.twitter.com/Sr5GJ5V6ya
— Manish | Kratos Gamified Engagement Network (KGeN) (@manishdiesel) September 4, 2025
Bidi piyo.Cigarette chhoro. Gareeb bano. pic.twitter.com/QjwmPuLlDM
— DIPANKAR (@CHANDRIMAC57143) September 4, 2025
कुछ ने इसे बिहार विधानसभा चुनाव से जोड़कर राजनीतिक कदम बताया। कुछ यूजर सोशल मीडिया पर लिख रहे हैं कि विशेषज्ञों का कहना है कि बीड़ी सिगरेट से भी ज्यादा हानिकारक है और इसका इस्तेमाल करने वाले ज्यादातर गरीब और मजदूर तबके के लोग हैं, जो गंभीर बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं।
Bidi delivers more nicotine when compared to cigerettes bcz they don't have filters.
— Dr.Swathi (@idiopathic_me_) September 3, 2025
More risk of carcinogenic effect and CVD . More death.
Less population. 😭😭🌚
( If they wanted to support rural/small business, they would have did it in positive way 🌚) pic.twitter.com/qhnyYTFK2b
The @GST_Council move to cut GST on bidis from 28% to 18%—instead of raising it to 40% with other tobacco products—is a huge setback for public health. Bidi smoking is the most common tobacco use in India & carries the highest health burden. I hope the council reconsiders this.
— Rijo M. John (@RijoMJohn) September 4, 2025
बीड़ी उद्योग को राहत क्यों दी गई?
🔹 भारत में बीड़ी उद्योग 70 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार देता है। कुछ मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सरकार का यह कदम बीड़ी उद्योग को बचाने और उसमें काम करने वाले मजदूरों की स्थिति सुधारने की कोशिश माना जा रहा है।
🔹 स्वदेशी जागरण मंच और कई सामाजिक संगठनों ने पहले भी सरकार से मांग की थी कि बीड़ी पर GST कम किया जाए। उनका कहना था कि 28% GST ने बीड़ी उद्योग को नुकसान पहुंचाया और खासकर अनरजिस्टर्ड यूनिट्स में काम करने वाले मजदूरों की मुश्किलें बढ़ा दीं।
🔹 पहले बीड़ी पर बहुत मामूली केंद्रीय उत्पाद शुल्क (excise duty) लगाया जाता था। कई राज्यों में तो बीड़ी पर सेल्स टैक्स तक नहीं लिया जाता था, ताकि मजदूरों का हित सुरक्षित रहे।
🔹 सरकार का यह फैसला एक तरफ जहां बीड़ी उद्योग और मजदूरों को राहत देने वाला है, वहीं दूसरी तरफ स्वास्थ्य के नजरिए से कई सवाल भी खड़े कर रहा है।
नया GST कब से लागू होगा?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि नए GST दरें 22 सितंबर 2025 से लागू होंगी। हालांकि तब तक सिगरेट, पान मसाला, गुटखा और बीड़ी जैसे तंबाकू उत्पादों की बिक्री मौजूदा दर पर ही होगी, जब तक कि कंपनसेशन सेस अकाउंट से जुड़े लोन और ब्याज की अदायगी पूरी नहीं हो जाती।












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