नई दिल्ली रेलवे स्टेशन: 4,700 करोड़ रुपए में कैसे बदलने जा रहा है देश का एक व्यस्ततम स्टेशन ? सबकुछ जानिए
नई दिल्ली, 4 सितंबर: देश के सबसे व्यस्ततम रेलवे स्टेशनों में से एक नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से यात्रा का अंदाज बदलने वाला है। सरकार इसपर करीब 5 हजार करोड़ रुपए खर्च करके इसे नया लुक देने के लिए तैयार है। एकबार तैयार होने के बाद नई दिल्ली रेलवे स्टेशन किसी वर्ल्ड क्लास एयरपोर्ट से कम नहीं दिखेगा और यहां से ट्रेनें पकड़ने या उतरने वाले रेल यात्रियों का अंदाज ही बदल जाएगा। देश में पिछले कुछ समय में गांधीनगर और भोपाल जैसे रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प किया जा चुका है। आने वाले समय में नई दिल्ली स्टेशन का भी वैसा ही नजारा दिखेगा, जहां से रोजाना 400 से ज्यादा ट्रेनें देश के हर छोर के लिए गुजरती हैं।

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास होगा
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के कायाकल्प की तैयारी कर ली गई है। सरकार अपने दम पर देश के सबसे व्यस्ततम रेलवे स्टेशनों में से एक नई दिल्ली स्टेशन के पुनर्निमाण के लिए कमर कस चुकी है और इसपर करीब 4,700 करोड़ रुपए की लागत आने का अनुमान है। इसके लिए सरकार निजी पूंजी निवेश के लिए भी अब इंतजार करने के मूड में नहीं है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का मास्टर प्लान पहले से ही तैयार है और इसकी डिजाइन को भी मंजूरी मिली हुई है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर रोजाना 5 लाख रेल यात्री पहुंचते हैं और 400 से ज्यादा ट्रेनें यहां से होकर गुजरती है।
Recommended Video

दो गुंबदनुमा इमारतें बनेंगी
पुनर्विकास के बाद नई दिल्ली स्टेशन के मुख्य परिसर में 6-6 मंजिला अपनी विशेष पहचान वाली दो गुंबदनुमा इमरातें बनेंगीं। तैयार होने के बाद यहां दोनों ओर (अजमेरी गेट, पहाड़गंज )आगमन और प्रस्थान के दो अलग-अलग हिस्से बनेंगे। इसके लिए कुल 2.2 लाख वर्ग मीटर के दायरे में फैले सर्कुलेटिंग एरिया, रिटेल स्पेस और बाकी यूटिलिटी की व्यवस्था रहेगी। टर्मिनल बिल्डिंग में आइकोनिक डोम आकार वाली मुख्य इमारत में दो आगमन और दो प्रस्थान वाले क्षेत्र होंगे।

दो स्काईवॉक से जुड़ा रहेगा स्टेशन परिसर
गुंबदों की ऊंचाई जमीन से एक की 80 मीटर दूसरे की 60 मीटर ऊंची होगी। नई इमारत में एक भी फूट-ओवर ब्रिज नहीं होगी। बल्कि, नए स्टेशन में दो स्काईवॉक होंगे, जो कि 9 मीटर चौड़े होंगे। ये स्काईवॉक मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब से मुख्य स्टेशन बिल्डिंग को जोड़ेंगे। पुनर्निमाण के बाद स्टेशन में कुल 86 लिफ्ट और 67 एस्केलेटर्स होंगे। मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब से लेकर स्टेशन की सारी इमारतों की छत के ऊपर सोलर पैनल लगाए जाएंगे।

आसपास के इलाके भी विकसित होंगे
बदले जमाने के स्टेशन में आग से बचाव के लिए भी पुख्ता इंतजाम किए जाने हैं। साथ किसी भी विपरीत परिस्थिति में स्टेशन की व्यवस्था कायम रखने के लिए इमरजेंसी पावर बैक-अप का भी इंतजाम किया जाएगा। मौजूदा समय में रेलवे की जमीन पर जितनी भी रेलवे कॉलोनियां, दफ्तर, करनैल सिंह स्टेडियम या कनॉट प्लेस के आसपास की आंतरिक सड़कें हैं, सबको पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप प्रोजेक्ट के तहत बाद में पुनर्विकसित किया जाएगा।(ऊपर की तस्वीरें- रेल मंत्रालय ट्विटर)

देशभर में चल रहा है स्टेशनों के विकास का काम
पिछले कुछ समय से भारतीय रेलवे पूरे देश में स्टेशनों के पुनर्विकास के काम में लगा हुआ है। भोपाल में रानी कमलापति, गुजरात में गांधीनगर और बेंगलुरु में सर एम विश्वेश्वरैया स्टेशनों को पहले ही मॉडर्न लुक दिया जा चुका है। देश में कुल 1,253 स्टेशनों के विकास की योजना तैयार है, जिसमें से 1,215 को फिर से विकसित किया जा चुका है। जबकि, 2022-23 में बाकी स्टेशनों को भी आदर्शन स्टेशन स्कीम के तहत विकसित किया जाना है।

पर्यावरण संरक्षण के लिए क्या है योजना ?
जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण के वैश्विक मानकों को देखते हुए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के नए कॉम्पलेक्स में रेनवाटर हार्वेस्टिंग, वेस्ट वाटर मैनेजमेंट या उनके दोबारा इस्तेमाल और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की भी पुख्ता व्यवस्था की जाएगी, जिसमें कचरे के मौके पर ही अलग करने जैसे प्रबंधन करना भी शामिल है।












Click it and Unblock the Notifications