क्यों सीआरपीएफ चीफ बने प्रकाश मिश्र?
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) सरकार ने केन्द्रीय सुरक्षा बल पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) के डायरेक्टर जनरल पद पर प्रकाश मिश्र की नियुक्ति केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह की सिफारिश पर कर दी है।मिश्र के पक्ष में यह बात भी गई कि उन्होंने उड़ीसा में पुलिस महानिदेशक पद पर रहते हुए नक्सलियों की कमर तोड़ी थी।

नक्सलियों से लड़ने में महारत
उन्हें नक्सलियों से लडने और उन्हें उनकी औकात बताने का तगड़ा अनुभव है। राजनाथ सिंह इसके चलते मिश्र से प्रभावित थे। राजनाथ सिंह चाहते हैं कि सीआरपीएफ नक्सलियों का सफाया कर दे।पिछले 30 नवंबर को दिलीप त्रिवेदी के सीआरपीएफ महानिदेशक पद से रिटाय़र होने के बाद उक्त पद खाली था।
नक्सली हमला
इसी बीच छतीसगढ़ में नक्सलियों के हमले में कई पुलिस कर्मी शहीद भी हो गए थे। उस घटना के बाद सरकार पर दबाव था कि सीआरपीएफ में शिखर पद को लंबे वक्त तक खाली नहीं छोड़ा जाना चाहिए।
पटनायक से पंगा
जानकारों ने यह भी बताया कि मिश्र का उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से बीते लोकसभा चुनाव के समय पंगा भी हो गया था क्योंकि उन्होंने उनकी पार्टी के लोगों को चुनाव के दौरान मनमर्जी करने की इजाजत नहीं दी थी।
सख्त मिश्र
मिश्र के बेहद सख्त पुलिस अफसर माना जाता है। कहते हैं कि वे किसी के दबाव में काम नहीं करते। कम बोलने वाले मिश्र पढ़ने के भी बहुत शौकीन है।












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