यूपी के करीब 45 जिलों को मिल सकती लॉकडाउन से बड़ी राहत, इन गतिविधियों के शुरू होने के आसार
नई दिल्ली- यूपी सरकार कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित हॉटस्पॉट और कंटेनमेंट जोन की पहचान करने के बाद अब उन इलाकों पर फोकस कर रही है, जो इस वायरस से या तो कुछ भी प्रभावित नहीं हुए हैं या जहां पर उनका बहुत ही कम असर पड़ा है। रविवार को लखनऊ में अधिकारियों की एक बैठक में इस बारे में निर्णय लिया गया है कि जो जिले प्रभावित नहीं हैं या कम प्रभावित हुए हैं, वहां औद्योगिक गतिविधियों को जल्द से जल्द किया जा सकता है।
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कोरोना वायरस संकट के बीच उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने उन जिलों पर फोकस करने का फैसला किया है, जो कोरोना की मार से बचे हुए हैं या जिनको वह बहुत ज्यादा चपेट में नहीं ले पाया है। राज्य सरकार उन जिलों में औद्योगिक गतिविधियां शुरू करना चाहती है, जहां कोरोना वायरस संक्रमण के एक भी केस नहीं हैं या जहां उनकी संख्या 10 से कम है। इस हिसाब में यूपी में करीब 45 जिले हैं, जहां सरकार छोटी-मोटी औद्योगिक कार्यों को शुरू करवाना चाहती है, ताकि आर्थिक व्यवस्था धीरे-धीरे पटरी पर लौटनी शुरू हो जाए।
गौरतलब है कि रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी एक उच्चस्तरीय बैठक की अगुवाई की थी, जिसमें प्रदेश की 11 कमिटियों के अध्यक्ष शामिल हुए और कोरोना वायरस महामारी से जुड़े हालातों की समीक्षा की गई। जानकारी के मुताबिक इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह प्रदेश के सभी शेल्टर होम्स की भी वैसी ही जियो-टैगिंग सुनिश्तित करें, जैसे कि कम्युनिटी किचेन की करवाई गई है। गौरतलब है कि इस तरह की पहल से राज्य सरकार को यहां चलने वाली गतिविधियों पर नजर और उनका हिसाब-किताब रखना आसान होता है। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य अधिकारियों से कहा कि सभी कोविड-19 अस्पतालों में टेस्टिंग की सुविधा का भरपूर परिणाम प्राप्त करने के लिए पूल टेस्टिंग की व्यवस्था को बढ़ाई जाए। उन्होंने अफसरों को रूपे कार्ड से कैशलेस पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए भी कहा।
बता दें कि आज सुबह तक यूपी में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल 1868 केस सामने आ चुके थे, जिनमें से 289 ठीक होकर गए और 29 की मौत हो गई।












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