बैन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा NDTV, सरकार के फैसले को चुनौती
हिंदी न्यूज़ चैनल एनडीटीवी इंडिया पर आरोप है कि उसने पठानकोट हमले के दौरान ऐसी संवेदशनशील जानकारी प्रसारित की जिससे आतंकवादियों को मदद मिल सकती थी।
नई दिल्ली। चैनल पर एक दिन के लिए लगे बैन को लेकर एनडीटीवी इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। एनडीटीवी ने कोर्ट में सरकार (सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय) के फैसले को चुनौती देते हुए याचिका दायर की है। आपको बता दें कि एनडीटीवी इंडिया पर एक दिन के प्रसारण की रोक का मुद्दे पर राजनीति गरमाई हुई है। अब देखना यह होगा की कोर्ट इस मामले में क्या फैसला सुनाता है।

क्यों लगा है बैन?
हिंदी न्यूज़ चैनल एनडीटीवी इंडिया पर आरोप है कि उसने पठानकोट हमले के दौरान ऐसी संवेदशनशील जानकारी प्रसारित की जिससे आतंकवादियों को मदद मिल सकती थी। सरकार ने नियमों के उल्लंघन के आरोप में एनडीटीवी इंडिया पर एक दिन का बैन लगाया है।
इससे पहले जी मीडिया ग्रुप के प्रमुख और राज्य सभा सांसद सुभाष चंद्रा ने एनडीटीवी इंडिया पर लगे बैन को सही ठहराया और कहा कि इसपर आजीवन प्रतिबंध लगा देना चाहिए था। चंद्रा ने ट्वीट कर कहा कि एनडीटीवी इंडिया पर एकदिवसीय प्रतिबंध नाइंसाफी है, यह सजा बहुत कम है।
देश की सुरक्षा से खिलवाड़ के लिए उन पर आजीवन प्रतिबंध लगाना चाहिए था। उन्होंने लिखा है कि मेरा तो यह भी विश्वास है की अगर एनडीटीवी इंडिया न्यायालय में जाए तो उसे वहां से भी फटकार ही मिलेगी।












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