राजीव गांधी के हत्यारों को कोई रियायत नहीं: मोदी सरकार
नई
दिल्ली। केंद्र सरकार पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के हत्यारों को छोड़े जाने के तमिलनाडु सरकार के फैसले का विरोध जारी रखेगी। नरेंद्र मोदी सरकार भले ही कांग्रेस और यूपीए के खिलाफ जोरदार संघर्ष के बाद सत्ता में पहुंची है लेकिन पॉलिटिकल मतभेदों से अलग एनडीए सरकार ने तमिलनाडु की जयललिता सरकार के 18 फरवरी के फैसले का विरोध किया है। id="toptextpromo">गौरतलब
है कि 19 फरवरी को तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने राजीव गांधी की हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 7 लोगों को रिहा करने का फैसला किया था। यूपीए सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। फिलहाल इनकी रिहाई पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से स्टे लगा है। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>गौरतलब
है कि बीजेपी जहां एक ओर कांग्रेस के खिलाफ कड़े और तीखे संघर्ष के बाद सत्ता में आई है, वहीं वो एआईडीएमके सुप्रीमो जयललिता से अच्छे संबंध भी बनाना चाहती है। फिर भी उसने आतंक और अपराध के खिलाफ अपने कड़े रुख पर कायम रहने का फैसला किया है। उस समय भी अरुण जेटली और रविशंकर प्रसाद जैसे नेताओं ने तमिलनाडु सरकार के कदम का विरोध किया था। अब मोदी सरकार में अरुण जेटली रक्षा और वित्त जबकि प्रसाद कानून जैसे अहम मंत्रालय संभाल रहे हैं।











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