NCAP: देश के 95 शहरों की हवा हुई साफ, वाराणसी में तो 50 प्रतिशत सुधार, जानिए दिल्ली का हाल
नई दिल्ली, 08 सितंबर। आधुनिकतावाद के बीच वायु प्रदूषण एक अहम मुद्दा है, जिस पर बहुत ज्यादा ध्यान देने की काफी जरूरत है। हालांकि इस ओर लगातार सरकार के प्रयास जारी है और लोगों के इसके प्रति जागरुक करने की कोशिशें हो रही है, जो कि अब रंग लाती भी दिख रही हैं क्योंकि स्वच्छ वायु दिवस पर वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने बुधवार को जारी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि एनसीएपी के तहत कवर किए गए 131 शहरों में से 95 शहरों में हवा की गुणवत्ता सुधरी है, जो कि एक बड़ी राहत की बात है और अच्छा संकेत है।

रिपोर्ट में जिन 95 शहरों की एयर क्वालिटी अच्छी हुई है उनमें वाराणसी नंबर वन पर आता है।यहां पर साल 2017 के मुकाबले वायु गुणवत्ता में औसतन करीब 50 प्रतिशत तक सुधार हुआ है। इसके अलावा लखनऊ, चेन्नई और पुणे जैसे शहरों का नंबर आता है, जहां वायु की क्ववालिटी पहले से काफी बेहतर हुई है।
'दिल्ली की वायु गुणवत्ता बढ़ी'
आपको बता दें कि साल 2017 में वाराणसी का वार्षिक PM 10 concentration 244 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर था। 2021-22 में यह घटकर 114 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रह गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार 'दिल्ली की वायु गुणवत्ता भी बढ़ी है । साल 2017 में, दिल्ली का पीएम 10 concentration वार्षिक 241 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर था। 2021-22 में यह घटकर 196 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रह गया है, जो 18.6% की गिरावट है।
यही नहीं भारत-गंगा के मैदानी शहरों में वायु प्रदूषण के स्तर में सुधार देखा जा रहा है। वाराणसी ने पिछले दो वर्षों में मुख्य रूप से धूल और अपशिष्ट प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित किया है। दिल्ली में भी सुधार हो रहा है। पंजाब -हरियाणा में भी पहले से स्थिति बेहतर हुई है, हालांकि यहां पर सुधार अभी मामूली है लेकिन प्रयास लगातार जारी है। मालूम हो कि साल 2019 में केंद्र ने नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम शुरू किया था, जिसने तेजी से अपना काम किया है। रिपोर्ट में सकारात्मक संकेत दिखे हैं।
प्रदूषण रोकने के लिए हर एक जन की भागीदारी बहुत जरूरी
केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि इस ओर सुधार हो रहा है लेकिन प्रदूषण रोकने के लिए हर एक जन की भागीदारी बहुत ज्यादा जरूरी है। उन्होंने कहा कि वाराणसी ने 40 वार्डों में कचरे का घर-घर संग्रह शुरू किया है। शहर में महत्वपूर्ण सड़कों पर यांत्रिक सफाई के साथ-साथ कचरे को अलग करने का कार्य भी किया गया है। प्रति दिन 5 टन की क्षमता के साथ एक अपशिष्ट से ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया गया है। इकतीस demolition waste collection भी शहर में स्थापित किए गए हैं।












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