Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Natural Calamities in 2020: दुनियाभर में आईं ये 10 बड़ी प्राकृतिक आपदाएं, कहीं पड़ी हरी बर्फ तो कहीं लगी आग

नई दिल्ली। भारत सहित पूरी दुनिया के लिए साल 2020 सबसे बुरे वर्षों में से एक रहा है। इस साल ने लोगों की जिंदगी को पूरी तरह से बदल दिया है। इस दौरान दुनियाभर में कई तरह की प्राकृतिक आपदाएं भी देखने को मिलीं। कहीं जंगलों में आग लगी तो कहीं टिड्डियों का आतंक फैला। आग लगने से जंगलों का बड़ा क्षेत्र जलकर खाक हो गया। तो वहीं टिड्डियों ने फसल को पूरी तरह बर्बाद कर दिया। इस दौरान कई स्थानों पर बाढ़ और चक्रवाती तूफान तक आए।

बड़ी संख्या में लोगों की गई जान

बड़ी संख्या में लोगों की गई जान

इस तरह की घटनाओं से बड़ी संख्या में लोगों और जीव-जंतुओं की जान गई। साथ ही लोगों को काफी नुकसान भी उठाना पड़ा। कुछ स्थान ऐसे भी हैं, जहां भूकंप के कारण बड़ी-बड़ी इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। ऐसे में हर कोई अब बस साल 2021 के अच्छे होने की दुआ कर रहा है, जिसमें पहले जैसी सामान्य जिंदगी दोबारा जी जा सके। यहां हम आपको साल 2020 में दुनियाभर में आई प्राकृतिक आपदाओं (Natural Calamities in 2020) के बारे में बताने जा रहे हैं।

ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी आग (2019-2020)

ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी आग (2019-2020)

आधिकारिक तौर पर ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में आग लगने के संकेत 2019 के अक्टूबर महीने में ही मिलने लगे थे। इस आग के पीछे की वजह लंबे समय तक रहने वाली सूखे की समस्या को बताया गया। इसके बाद तो आग लगातार फैलती चली गई और धीरे-धीरे एक बड़े इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। आग के रुकने के कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं। ऐसा भी हुआ जब नवंबर महीने में क्वींसलैंड और न्यू साउथ वेल्स सहित कई राज्यों में आपातकाल की घोषणा करनी पड़ी। इसे ब्लैक समर के नाम से भी जाना जाता है। इस आग को ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी प्राकृतिक घटनाओं में से एक कहा जा रहा है। आग से अनुमानित 18 मिलियन हेक्टेयर भूमि से लेकर 9000 से अधिक इमारत और घर नष्ट हुए हैं। साथ ही 400 लोगों की मौत हुई है। वहीं बड़ी संख्या में जंगलों में रहने वाले जीव-जंतुओं की भी जान गई है। हालांकि कुछ इलाकों में आग का प्रकोप अब कम हो गया है।

इंडोनेशिया में आई बाढ़ (2020)

इंडोनेशिया में आई बाढ़ (2020)

इंडोनेशिया में पहली जनवरी के शुरुआती घंटों में, रातभर भारी तबाही मची रही। जिसके कारण नदियों का पानी उफान पर आ गया, जो बाद में विनाशकारी बाढ़ में तब्दील हो गया। इसने राजधानी जकार्ता और उसके पड़ोसी इलाकों को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया। बाढ़ के कारण 4 लाख से अधिक लोगों को विस्थापित होना पड़ा, 66 लोगों की मौत हो गई, भूस्खलन आ गया और खूब तबाही देखी गई।

कोविड-19, चीन सहित पूरी दुनिया में फैला (2019-2020)

कोविड-19, चीन सहित पूरी दुनिया में फैला (2019-2020)

2019 के नवंबर महीने में चीन के वुहान शहर में कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आया था। उस समय इस वायरस को उतना खतरनाक नहीं माना गया, जितना ये वास्तव में निकला। किसी ने भी उस वक्त ये कल्पना नहीं की होगी कि चीन से शुरू हुआ ये वायरस पूरी दुनिया को ही अपनी चपेट में ले लेगा। चीन में 11 जनवरी, 2020 में वायरस से पहली मौत दर्ज की गई। इसके करीब दो महीने बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 11 मार्च को दुनियाभर में वायरस को महामारी घोषित कर दिया। फिर 2 अप्रैल से कोरोना वायरस के मामले पूरी दुनिया में तेजी से बढ़े। हालांकि अब जरूरी उपाय अपनाते हुए लोग धीरे-धीरे इसके प्रकोप से बचने में कामियाब हो रहे हैं। दुनिया न्यू नॉर्मल की ओर बढ़ रही है। भारत और रूस जैसे देश कोरोना वायरस की वैक्सीन पर भी तेजी से काम कर रहे हैं।

फिलीपींस में ज्वालामुखी विस्फोट (2020)

फिलीपींस में ज्वालामुखी विस्फोट (2020)

फिलीपींस में 20 से अधिक सक्रिय ज्वालामुखी हैं। जिसके कारण ये देश लगातार तबाही से प्रभावित होने के खतरे में है। यहां जनवरी 2020 में दूसरा सबसे सक्रिय ज्वालामुखी ताल ज्वालामुखी फट गया था। 12 जनवरी को पहले तो ज्वालामुखी धधकने लगा और इससे झटके महसूस किए गए। बाद में फिर इसमें विस्फोट हो गया। फिर बड़ी मात्रा में राख ही राख फैल गई। प्रशासन को ज्वालामुखी के पास रहने वाले 8 हजार लोगों सहित कुल 3,00,000 लोगों को दूसरे स्थान पर भेजना पड़ा। इससे पहले इसी ज्वालामुखी में 43 साल पहले विस्फोट हुआ था। फिलीपींस इंस्टीट्यूट ऑफ वॉलकैनोलॉजी और सीस्मोलॉजी की रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, 2,000 से अधिक ज्वालामुखी से प्रेरित भूकंप आए हैं, इनमें से 176 को महसूस किया गया है। परिणाम ये है कि फिलीपींस अब भी नुकसान से उबरने की कोशिश कर रहा है और जिंदगी के टुकड़ों को समेट रहा है।

चीन-भारत-ईरान-फिलीपींस-रूस-तुर्की-कैरेबियाई क्षेत्र में भूकंप (2020)

चीन-भारत-ईरान-फिलीपींस-रूस-तुर्की-कैरेबियाई क्षेत्र में भूकंप (2020)

महामारी के साथ-साथ इस साल दुनिया को और भी कई प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ा, इन्हीं में से एक है भूकंप। इस साल भारत, चीन, ईरान, फिलीपींस, रूस, तुर्की और कैरेबियाई क्षेत्र में भूकंप के झटके महसूस किए गए। जमाइका और रूस में रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 7 तक मापी गई। ये दोनों भूकंप से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। हाल ही में तुर्की में भी एक बड़ा भूकंप आया था, जिसमें 41 लोगों की मौत हो गई थी।

एशिया-पूर्वी अफ्रीका-भारत-मध्य पूर्व में टिड्डियों का आतंक (2020)

एशिया-पूर्वी अफ्रीका-भारत-मध्य पूर्व में टिड्डियों का आतंक (2020)

रेगिस्तानी टिड्डे वो प्रवासी कीट होते हैं, जो 35 हजार लोगों के बराबर खाना खा जाते हैं। ये फसल को नष्ट कर देते हैं और कुछ ही सेकेंड में खेत को पूरी तरह साफ करने की क्षमता रखते हैं। इसके अलावा ये तेजी से प्रजनन भी करते हैं और इनमें से लगभग 150 मिलियन कीट 1 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में मौजूद रह सकते हैं। हालांकि ये इंसानों को नुकसान नहीं पहुंचाते। इस साल का टिड्डी हमला करीब 26 वर्षों में सबसे खतरनाक बताया गया है, जिसके पीछे का कारण जलवायु में अचानक आया बदलाव है। तापमान में वृद्धि से इनकी प्रजनन क्षमता बढ़ती है, साथ ही संबंधित स्थान इनके रहने योग्य बन जाता है। भारत से ऐसे कई वीडियो सामने आए, जब टिड्डी कभी खेतों में तो कभी घरों की छत पर देखे गए। जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। भारत के जिन राज्यों में इनका आतंक दिखा उनमें गुजरात, हरियाणा, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश शामिल हैं।

बांग्लादेश-भारत में अम्फान चक्रवात (2020)

बांग्लादेश-भारत में अम्फान चक्रवात (2020)

चक्रवाती तूफान अम्फान बांग्लादेश और भारत को प्रभावित करने वाले सबसे शक्तिशाली तूफानों में से एक है। इसे सबसे घातक उष्णकटिबंधीय चक्रवातों में से एक माना गया है। इसे श्रेणी 5 तूफान के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जो विनाशकारी कहर बनकर बरपा था। इस तूफान से भारी तबाही मची। इससे भारी बारिश और बिजली गिरने के कारण बड़ी संख्या में नुकसान देखा गया। ऐसा कहा जाता है कि भारत और बांग्लादेश में अम्फान के चलते 85 से अधिक लोगों की मौत हुई है।

उत्तराखंड के जंगलों में आग (2020)

उत्तराखंड के जंगलों में आग (2020)

मई महीने में देश के उत्तराखंड राज्य के जंगलों में आग लग गई थी। एक छोटी से इलाके से फैलनी शुरू हुई ये आग धीरे-धीरे बढ़ती गई। जिसने 51 हेक्टेयर वन भूमि को अपनी चपेट में ले लिया। इसके परिणामस्वरूप वन विभाग को 1 लाख से अधिक का नुकसान हुआ है। इसमें 2 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए हैं।

असम में आई बाढ़ (2020)

असम में आई बाढ़ (2020)

भारत में आने वाली बारिश जहां कुछ राज्यों के लिए वरदान साबित होती है, तो वहीं कुछ राज्यों के लिए अभिशाप बन जाती है। यहां के असम राज्य में कई इलाकों में हुई भारी बारिश के चलते बाढ़ आ गई। इसके कारण 5 जिले, 128 गांव प्रभावित हुए। इस बाढ़ के कारण 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और 57.7 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए।

अंटार्कटिका में पड़ी हरी बर्फ (2020)

अंटार्कटिका में पड़ी हरी बर्फ (2020)

जब भी हम अंटार्कटिका की कल्पना करते हैं तो चारों ओर सफेद बर्फ, ग्लेशियर, सील्स और पैंगुइन दिखाई देने लगते हैं। हालांकि इस साल अंटार्कटिका के कई हिस्से जलवायु परिवर्तन के कारण हरे रंग के दिखाई दिए। इसकी कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, जिनमें ये हरे रंग की बर्फ दिखाई दे रही है।

List of Holidays in 2021: अगले साल कब-कब मिलेंगी छुट्टियां, यहां चेक करें हॉलिडे की पूरी लिस्ट

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+