महिला आरक्षण-परिसीमन पर मास्टरस्ट्रोक, संसद में क्या बोले पीएम मोदी? पढ़ें संबोधन की 10 बड़ी बातें

Nari Shakti and Delimitation 10 Points of PM Modi Address: देश की राजनीति में आधी आबादी की भूमिका को लेकर एक बार फिर नई बहस छिड़ गई है। 16 अप्रैल को संसद में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे संवेदनशील और दूरगामी मुद्दों पर सरकार का विजन स्पष्ट किया।

पीएम ने जोर देकर कहा कि 'विकसित भारत' का सपना केवल बुनियादी ढांचे के विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह तभी साकार होगा जब महिलाएं नीति निर्धारण में समान रूप से शामिल होंगी। प्रधानमंत्री का यह भाषण ऐसे समय में आया है जब विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच महिला आरक्षण बिल के क्रियान्वयन की समयसीमा को लेकर खींचतान जारी है। पीएम ने अपने संबोधन में न केवल विपक्ष के 'तकनीकी बहानों' पर प्रहार किया, बल्कि राज्यों को परिसीमन को लेकर आश्वस्त भी किया।

Nari Shakti Delimitation PM Modi Address

प्रधानमंत्री के संबोधन की 10 मुख्य बातें

विकसित भारत और आधी आबादी: प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकसित भारत का अर्थ केवल आधुनिक रेल, सड़क या भव्य इमारतें नहीं हैं। असली प्रगति तब होगी जब देश की महिलाएं नीति-निर्माण की प्रक्रियाओं में बराबर की हिस्सेदार बनेंगी।

आरक्षण अधिकार है, अहसान नहीं: पीएम मोदी ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि महिलाओं को आरक्षण देना कोई राजनीतिक अहसान नहीं है, बल्कि यह उनका मौलिक हक है। उन्होंने अफसोस जताया कि दशकों तक उन्हें इस अधिकार से वंचित रखा गया।

पंचायत से संसद तक का सफर: उन्होंने याद दिलाया कि स्थानीय निकायों (पंचायतों) में महिलाएं 50% तक आरक्षण के साथ नेतृत्व कर रही हैं, लेकिन अब समय आ गया है कि संसद और विधानसभाओं में भी उनकी उपस्थिति को सुनिश्चित किया जाए।

विपक्ष के 'तकनीकी' बहानों पर वार: विपक्ष पर निशाना साधते हुए पीएम ने कहा कि कुछ दल खुलकर तो विरोध नहीं कर पा रहे, इसलिए वे तकनीकी बारीकियों और प्रक्रियाओं का बहाना बनाकर इसे रोकने का प्रयास कर रहे हैं।

30 वर्षों का लंबा इंतजार: पीएम ने याद दिलाया कि महिला आरक्षण का मुद्दा पिछले तीन दशकों से लटका हुआ है। उन्होंने इस देरी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अब इसे आगे बढ़ाने का सही और ऐतिहासिक समय आ गया है।

राजनीतिक स्वार्थ से ऊपर: प्रधानमंत्री ने कहा कि लोग इसे राजनीतिक नफा-नुकसान के तराजू में तौल रहे हैं, जबकि हकीकत यह है कि यदि सभी दल एकमत होकर इसे पास करें, तो यह राष्ट्रहित में होगा।

क्रेडिट की कोई होड़ नहीं: पीएम मोदी ने बड़ा दिल दिखाते हुए कहा कि उन्हें इस बिल का कोई व्यक्तिगत श्रेय नहीं चाहिए। उन्होंने प्रस्ताव दिया कि बिल पास होने के बाद वे खुद सभी विपक्षी नेताओं का धन्यवाद करेंगे।

मुखर होती महिलाओं की आवाज: संबोधन में पीएम ने ग्रामीण भारत की बदलती तस्वीर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज गांव-गांव की महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं और निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल होने के लिए तैयार हैं।

परिसीमन पर 'मोदी की गारंटी': राज्यों की चिंताओं को दूर करते हुए प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि परिसीमन की प्रक्रिया के दौरान किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। उन्होंने इसे अपनी गारंटी बताया।

राजनीति की नई दिशा: प्रधानमंत्री ने अपने भाषण का समापन करते हुए कहा कि महिला आरक्षण का यह फैसला भविष्य की भारतीय राजनीति की दिशा बदल देगा और देश को एक नई मजबूती प्रदान करेगा।

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