भारत के लिए कुडानकुलम जैसे 12 और रिएक्‍टर्स बनाएगा रूस

नई दिल्‍ली। अगर यह कहा जाए कि गुरुवा र को भारत और रूस की दोस्‍ती एक कदम और आगे बढ़ गई तो गलत नहीं होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्‍ट्रपति ब्‍लादीमिर पुतिन के बीच मुलाकात हुई। इस मुलाकात के बाद भारत ने जहां पूरी दुनिया को संदेश दे दिया कि वह किसी भी मुश्किल परिस्थित‍ि में रूस का साथ नहीं छोड़ सकता तो वहीं पुतिन ने भी साबित कर दिया कि भारत, रूस के लिए हमेशा एक सच्‍चे साथी की तरह था और हमेशा रहेगा।

putin-modi-deal-russia-india

मोदी ने नहीं तोड़ा पुतिन का भरोसा

यूक्रेन की वजह से संकटों का सामना करते ब्‍लादीमिर पुतिन जो भरोसा लेकर भारत आए थे, नरेंद्र मोदी ने उसे बरकरार रखा। 16 अहम सौदों पर साइन करके भारत ने साफ कर दिया कि वह रूस की परेशानियों से वाकिफ है और मुसीबत में उसके साथ रहेगा।

कौन कौन सी डील

  • उनमें पेट्रोल, गैस, मिलिट्री ट्रेनिंग एक्‍सचेंज, न्‍यूक्लियर एनर्जी, और हेल्‍थ रिसर्च सबसे अहम।
  • भारत और रूस के बीच एक विजन डॉक्‍यूमेंट साइन किया गया है जो न्‍यूक्लियर एनर्जी से जुड़ा है।
  • रूस की कंपनी रोस्‍टाटोम अगले 20 वर्षों के दौरान रूस भारत में 12 न्‍यूक्लियर एनर्जी रिएक्‍टर्स तैयार करेगी।
  • इन 12 में से छह रिएक्‍टर्स कुडानकुलम में बनेंगे। बाकी के छह रिएक्‍टर्स के स्‍थान पर अभी कोई भी फैसला नहीं लिया गया है।
  • कुडानकुलम में बना रिएक्‍टर फिलहाल 1,000 मेगावॉट का है।
  • कुडनकुलम प्लांट में यूनिट 3 और यूनिट 4 के लिए तकनीकी करार हुआ है।
  • कच्चे हीरे के कारोबार पर भी भारत और रूस के बीच समझौता हुआ है।
  • हीरे पर करार से भारत और रूस के बीच 5 अरब डॉलर का कारोबार बढ़ेगा।
  • दुनिया में पॉलिश हीरों के व्यापार में भारत की 60 फीसदी हिस्सेदारी है।
  • तेल उत्‍खनन और आपूर्ति पर भी अहम डील साइन की गई ।
  • भारत और रूस फिफ्थ जनरेशन फाइटर जेट्स और मल्‍टी रोल ट्रासंपोर्ट एयरक्राफ्ट को साथ में मिलकर तैयार करने पर राजी।
  • भारत और रूस ने रक्षा, परमाणु ऊर्जा और हेल्थ रिसर्च पर समझौते किए हैं।

वाजपेई ने शुरू की थी परंपरा

नरेंद्र मोदी ने इस दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई का जिक्र किया। उन्‍होंने कहा कि वर्ष 2000 में वाजपेई और पुतिन की ओर से भारत ओर रूस के बीच इस तरह के शिखर सम्‍मेलन की शुरुआत की गई थी। मोदी ने कहा कि अब बतौर प्रधानमंत्री उन्‍हें दिल्‍ली में पुतिन का स्‍वागत करके काफी अच्‍छा लगा है और वह गर्व महसूस कर रहे हैं। मोदी ने कहा कि यह पुतिन का 11वां शिखर सम्‍मेलन है लेकिन उनके लिए यह पहला मौका है।

मोदी ने इस दौरान याद दिलाया कि जब वाजपेई वर्ष 2001 में मॉस्‍को गए थे तो वह भी उनके साथ थे। उस दौरान गुजरात के मुख्‍यमंत्री के तौर पर मोदी ने गुजरात और अस्‍त्रकन के बीच एक समझौते पर हस्‍ताक्षर किए थे। मोदी ने दुनिया को याद दिलाया कि रूस रक्षा क्षेत्र में भारत का सबसे विश्‍वसनीय साझीदार रहा है। भारत और रूस के बीच जो रिश्‍ता है उसकी तुलना किसी से भी नहीं की जा सकती है।

पुतिन की तारीफ

मोदी ने पुतिन को एक महान देश का नेता करार दिया। उन्‍होंने कहा कि वह एक ऐसे देश का नेतृत्‍व कर रहे हैं जिसके साथ भारत की कभी न खत्‍म होने वाली दोस्‍ती, उस पर आत्‍मविश्‍वास है और कभी न खत्‍म होने वाला भरोसा है। मोदी के मुताबिक भले ही भारत के पास इस समय कई विकल्‍प मौजूद हों लेकिन रूस हमेशा भारत का रक्षा क्षेत्र का सबसे भरोसमंट साथी रहेगा। उन्‍होंने कहा कि छह माह में तीन ज्‍वांइट एक्‍सरसाइज इस बात का सुबूत हैं।

रूस ने भारत को पूरी तरह से विकसित एडवांस हेलीकॉप्‍टर्स देने का फैसला किया है इसकी जानकारी भी मोदी ने अपने संबोधन में दी। पुतिन ने यह भी भरोसा दिलाया कि दोनों देशों के बीच ज्‍यादा से ज्‍यादा संवाद को बढ़ाया जाएगा और संबंधो को और मजबूत करने की कोशिश होगी।

पुतिन के मुताबिक भारत और रूस दोनों ही देशों ने शांतिपूर्ण मकसद के लिए न्‍यूक्लियर एनर्जी को बढ़ावा देने का फैसला किया है। पुतिन ने कहा कि वह जानते है। कि इस बार के शिखर सम्‍मेलन का क्‍या नतीजा होगा और इसका क्‍या असर पड़ेगा। पुतिन के मुताबिक दोनों देशों ने ट्रेड और आर्थिक संबंधों पर जोर दिया गया है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+