सबसे धीमा इंटरनेट और सबसे अलग झंडा, पढ़ें नेपाल के 10 ऐसे ही सच
(मयंक दीक्षित): पृथ्वी पर किन्हीं दो देशों के बीच ऐसे सहज संबंध नहीं होंगे, जैसे भारत और नेपाल के बीच हैं। फिर भी अव्यवस्था से विकास तक का फासला तय करने के लिए दिल्ली और काठमांडू को नरेंद्र मोदी की प्रतीक्षा करनी पड़ी।
आज मीडिया और राजनैतिक जानकारों के बीच भारत-नेपाल की कहानियां सिर्फ विदेशी नीतियों और राज नीतियों तक सिमट कर रह गईं हैं। वो सच जिनसे नेपाल को तकलीफ़ या मुनाफा है। वो बातें जो इस देश की पहचान हैं। सड़क, पानी, बिजली जैसी बुनियादी चीजों के बल पर किस तरह नेपाल ने खुद को खड़ा किया।
हिंसा-तनाव-शासन-समाज का कॉकटेल किस तरह इस देश ने घोला और वहां की जनता के लिए गुज़र-बसर की व्यवस्था की। आइए जानें नेपाल के 10 ऐसे तथ्य जो हर कोई नहीं जानता-

बहादुरी की मिसाल
भारत और चीन पर अंग्रेजों ने सालों साल राज किया, लेकिन कोई भी ताकत आज तक नेपाल को हाथ नहीं लगा सकी। इसके पीछे गोरखाओं की जांबाजी है। नेपाल के गोरखा बहादुरी और पराक्रम के लिए जाने जाते हैं जिन्होंने विश्व युद्ध में अपना लोहा मनवा दिया था।

रिकॉर्डों से भरपूर
नेपाल अपनी झोली में कई रिकॉर्डों छिपाए हुए है। नंबर एक 8,848 मीटर की ऊंचाई वाला माउंट एवरेस्ट है। धरती की सबसे ऊंची 4800 मीटर की तिलिचो झील, 3600 मीटर ऊंचाई वाली 145 मीटर गहरी Shey phoksundo झील, 1200 मीटर गहरी Kalidanki वैली और सबसे ऊंची अरुण घाटी है।

साहस का अद्भुत संगम
नेपाल में 8 सबसे ऊंची चोटियां हैं। माउंटेन क्लाइंबिंग, ट्रैकिंग और राफ्टिंग के लिए ट्रैवलर के बीच खासा चर्चित है। एक अनुमान के अनुसार, राफ्टिंग और ट्रैकिंग में रुचि रखने वाले दुनिया के 20 फीसदी से ज्यादा लोग यहां विज़िट करते हैं।

झंडा ऊंचा व अलग रहे हमारा
दुनियाभर में नेपाल का झंडा ही ऐसा है, जो क्वाड्रिलेट्रल यानि चतुर्भुज नहीं है। बाकी सभी देशों के झंडों के चार कोने होते हैं। नीला बॉर्डर और लाल रंग के साथ ही झंडे में बना चांद और सूरज और दो त्रिकोण हिमालय और दो धर्म हिंदू और बौद्ध को दर्शाते हैं।

अनेकता में एकता
'अनेकता में एकता' स्लोगन के साथ नेपाल की जनता देशप्रेम और राष्ट्रीयता को प्राथमिकता देती है। नेपाल में भगवान बुद्ध के प्रति लोगों में बेहद श्रद्धा की भावना देखी जा सकती है।

नमस्ते-नमस्ते
नमस्ते करना भारतीय परंपरा में अभिवादन करने का तरीका है। लेकिन नेपाल में भी हाथ मिलाकर या गले लगकर नहीं, बल्कि हाथ जोड़कर अभिवादन करने का रिवाज है। हाल में मोदी के स्वागम में भी ऐसी ही झलक देखी जा सकती है।

संस्कृति
नेपाल के 15 किलोमीटर क्षेत्र में सात सांस्कृतिक स्थल आते हैं। इनमें पशुपतिनाथ मंदिर, स्वयंभूनाथ मंदिर, बुद्ध स्तूप, काठमांडू, भक्तपुर और पटन दरबार स्क्वॉयर शामिल हैं। यह सभी साइट्स काठमांडू वैली के तीन जिलों काठमांडू, भक्तपुर और ललितपुर की लॉकेशन में आते हैं।

चरस-तंबाकू
कभी यह देश चरस-तंबाकू आदि के लिए कुख्यात था। 70 और 80 के दशक में नेपाल की राजधानी काठमांडू में हिप्पीज लोग चरस और अन्य नशे के लिए आया करते थे। यहां वीड़ी (चरस, तंबाकू) खरीदना, बेचना और इस्तेमाल करना गैरकानूनी है। फिर भी लोग इसके गोरख व्यापर में लिप्त थे।

जल-संसाधन में अव्वल, बिजली में पिछलग्गू
आंकड़ों की मानें तो नेपाल वाटर रिसोर्स के मामले में दुनिया में दूसरे नंबर पर है। समुचित उपयोग करने पर यह देश हाइड्रोपावर के क्षेत्र में दुनिया में एक बड़ी ताकत बन सकता है। अभी नेपाल में लगभग 83 हजार मेगावाट हाइड्रोपावर का उत्पादन होता है। लोगों को रोजाना 9-12 घंटे ही बिजली मिलती है और हर सीज़न में 3 से 4 बार पावर कट होता है।

स्लो क्यों है नेपाल
नेपाल दुनिया का दूसरा ऐसा देश हैं, जहां इंटरनेट स्पीड बहुत धीमी है। यहां 32 फीसद इंटरनेट कनेक्शन या 60 फीसद लोगों का इंटरनेट 256 kbps से भी कम स्पीड में चलता है।












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