शिवसेना को हराने हर सीट पर उतारेंगे उम्मीदवार, गठबंधन के बाद पूर्व सीएम नारायण राणे का ऐलान
नई दिल्ली। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी से राज्यसभा सांसद नारायण राणे ने शिवसेना के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बताया जा रहा है कि नारायण राणे लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी और शिवसेना के बीच हुए गठबंधन से नाराज चल रहे हैं। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के आलोचक माने जाने वाले नारायण राणे ने ऐलान किया है कि उनकी पार्टी 'महाराष्ट्र स्वाभिमान पक्ष' हर उस लोकसभा सीट पर अपने प्रत्याशी उतारेगी जहां से शिवसेना का उम्मीदवार चुनाव लड़ेगा। राणे ने कहा कि मेरी पार्टी का उम्मीदवार सिर्फ यही सुनिश्चित करेगा कि शिवसेना का प्रत्याशी चुनाव नहीं जीत पाए।

राणे ने बीजेपी-शिवसेना गठबंधन पर कसा तंज
उद्धव ठाकरे के आलोचक माने जाने वाला नारायण राणे ने एक मराठी कहावत के जरिए शिवसेना और बीजेपी गठबंधन पर तंज कसा। इस मराठी कहावत का मतलब था कि दोनों की एक दूसरे से पटती नहीं और दोनों एक दूसरे के बिना रह भी नहीं सकते हैं। राणे ने कहा कि यह गठबंधन मातोश्री के निजी फायदे के लिए किया गया है। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि शिवसेना विश्वसनीय दल नहीं है। वहीं राणे ने बीजेपी पर किसी तरह की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि वे बीजेपी के सदस्य नहीं है।

दूसरे विपक्षी दल भी बीजेपी-शिवसेना गठबंधन पर साध रहे निशाना
बता दें कि बीजेपी-शिवसेना गठबंधन पर निशाना साधने वाले नारायण राणे पहले नेता नहीं हैं। इस गठबंधन पर कई विपक्षी नेता भी निशाना साध रहे हैं। इनमें से एक एनसीपी नेता के प्रमुख शरद पवार हैं, जिन्होंने इस गठबंधन पर तंज कसते हुए कहा है ये पहले से घोषित था। लेकिन जिस तरह से बयानबाजी हुई है, उसे जनता बखूबी याद रखे हुए हैं। मतदाताओं को बेवकूफ नहीं बनाया जा सकता है।

विधानसभा चुनाव में बराबर सीटों पर लड़ेगी भाजपा-शिवसेना
दोनों दलों के बीच हुए समझौते के मुताबिक महाराष्ट्र में आने वाले विधानसभा चुनाव में दोनों पार्टियां(बीजेपी और शिवसेना) बराबर सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। जबकि लोकसभा चुनाव के लिए 48 सीटों में से महाराष्ट्र में विधानसभा की 288 सीटें हैं। बता दें कि महाराष्ट्र में 2019 में ही चुनाव होने हैं। अक्टूबर 2014 में हुए चुनाव में भाजपा-शिवसेना ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में भाजपा को 122 और शिवसेना को 63 सीटें मिली थीं। हालांकि चुनाव के बाद दोनों पार्टियों ने साथ मिलकर सरकार बनाई।












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