3 साल की बच्ची ने पेश की मिसाल, जुखाम होने पर अकेले ही जांच करवाने पहुंची स्वास्थ्य केंद्र
दिसपुर, 5 जून: पूरा देश कोरोना महामारी की चपेट में है। बड़े राज्यों का तो बुरा हाल है ही, साथ ही छोटे राज्यों में भी जनसंख्या के हिसाब से काफी ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। इसके अलावा बची कसर ग्रामीण इलाके पूरे कर दे रहे, जहां पर लोग वैक्सीन और टेस्टिंग से बचने के लिए तरह-तरह के जतन कर रहे हैं। इस बीच नागालैंड की एक बच्ची ने ऐसी मिसाल पेश की, जिसकी तारीफ आज पूरे देश में हो रही है।

नागालैंड बीजेपी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बेंजामिन येप्थोमी ने ट्वीट करके एक तीन साल की बच्ची की स्टोरी शेयर की है। उन्होंने बताया कि अचानक से 3 साल की लिपवी जब अकेले स्वास्थ्य केंद्र पहुंची, तो उनको देखकर सब हैरान रह गए। लिपवी को सर्दी के लक्षण थे, लेकिन माता-पिता धान के खेतों में काम करने चले गए, तो उसने चेकअप के लिए अकेले ही स्वास्थ्य केंद्र आने का फैसला किया। इसके बाद डॉक्टरों ने उसका चेकअप किया और फिर इलाज कर उसे घर भिजवाया। इसके बाद 3 जून को नात्सुमी के CHO खुद बच्ची के घर पहुंचे और उसका हालचाल जाना। उन्होंने बताया कि अब उसकी हालत में काफी सुधार है।
वहीं BJYM प्रदेश अध्यक्ष ने आगे लिखा कि कोरोना के ऐसे मुश्किल वक्त में जब वयस्क लोग परीक्षण से भाग रहे हैं। कई जगहों पर लोग वैक्सीन लगवाने तक से मना कर दे रहे हैं। इस सब के बीच नन्ही सी बच्ची ने अपनी मासूमियत से आम लोगों को एक रास्ता दिखाया है। हमको समझना चाहिए कि जिम्मेदारी समय की मांग है। उन्होंने आखिर में लिखा कि मैं प्रार्थना करता हूं कि ये बच्ची जल्द ही स्वस्थ हो जाए। भगवान इसका भला करे।
नागालैंड में कितने केस?
कुल मामले- 22,387
मौतें- 416
रिकवरी- 16,637
एक्टिव केस- 4,695












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