जानिए कौन हैं एन रवि जो डोवाल के टीम में शामिल होकर देश के आंतरिक खतरों को देंगे चुनौती
नई दिल्ली। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल ने आरएन रवि को अपना नया उप सुरक्षा सलाहकार चुना हैं। पूर्व ज्वॉइंट इंटेलिजेंस कमेटी के अध्यक्ष रवि तीसरे सलाहाकार के रूप में सीधे डोवाल को रिपोर्ट करेंगे। रवि से पहले रॉ के पूर्व सेक्रेटरी राजेंद्र खन्ना और पूर्व डिप्लोमेट पंकज सरन उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में डोवाल के साथ काम कर रहे हैं। 1978 बैच के आईपीएस ऑफिसर खन्ना और 1982 के आईएफएस ऑफिसर सरन से 1976 बैच के आईपीएस ऑफिसर रवि इन दोनों से सीनियर पद पर होंगे। एन रवि एनएसए डोवाल के सबसे करीबी माने जाते हैं, जिन्होंने केरल कैडर में साथ में काम किया है। रवि से डोवाल आठ बैच सीनियर हैं। आईबी का डायरेक्टर बनने के बाद रवि नॉर्थ-ईस्ट को देख रहे थे।

डोवाल को तीनों एडवाइजर ऐसे करेंगे रिपोर्ट
एनडीए की सरकार में रवि ने नागालैंड में नागा विद्रोही समूह नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड और केंद्र व चरमपंथियों के बीच 2015 में शांति समझौते में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। एक सीनियर अधिकारी के कहा कि उचित गठबंधन और खुफिया जानकारियां जुटाने के लिए सरकार ने ज्वॉइंट इंटेलिजेंस कमेटी को राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय के अधीन ले लिया है। देश के बाहरी और आंतरिक खतरों से निपटने के लिए इन तीनों उप सुरक्षा सलाहकारों पर जिम्मेदारी होगी। आरएन रवि के पास भारत आंतरिक सुरक्षा नीति की जिम्मेदारी होगी, जबकि पंकज सरन बाहरी पहलुओं पर नजर रखेंगे और राजिंदर खन्ना विशेष रूप से खुफिया जानकारी देंगे।

कितनी महत्वपूर्ण है नई नियुक्ति?
डिफेंस एक्सपर्ट के मुताबिक, भारत को अपने आंतरिक सुरक्षा मैनजमेंट तथा अच्छी काउंटर-टेररिज्म रणनीति स्थापित करने की जरुरत है। एक सीनियर खुफिया अधिकारी ने कहा कि हमारे खुफिया तंत्र को सभी खतरों के खिलाफ अच्छी तरह तैयार होना चाहिए। हम कुछ भी हल्के में नहीं ले सकते हैं। यह नई नियुक्ति महत्वपूर्ण है क्योंकि यह राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का कार्यालय को सर्व-शक्तिशाली बनाता है।

रॉ और आईबी में प्रमुख पदों पर होनी है नियुक्ति
इस बीच नौकरशाही गलियारों में भी अटकलें हैं कि आने वाले कुछ महीनों में ज्वॉइंट इंटेलिजेंस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त करने के लिए सरकार रवि को नया कार्य सौंप सकती है। दो महीनों के भीतर इंटेलिजेंस ब्यूरो के डायरेक्टर और रॉ के सचिव पद खाली होने वाले हैं, इसलिए सरकार को रवि इस बारे में बेहतर विकल्प पेश कर सकते हैं। असम-मेघालय कैडर के 1984 बैच के अधिकारी अरविंद कुमार इंटेलिजेंस ब्यूरो में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं और उन्हें अगले डायरेक्टर के रूप में नया काम सौंपा जा सकता है। वहीं, 1984 बैच के के इलांगो सबसे सीनियर है और फिर उनके बाद 1982 बैच के पंजाब कैडर से समंत गोयल और एमपी कैडर से केवी जोहरी है, जिनमें से किसी एक को रॉ प्रमुख के रूप में जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।












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