आर्टिकल 370: मुस्लिम नेता ने किया पी चिदंबरम का मुंह काला करने पर 21,000 रु. देने का ऐलान
नई दिल्ली- कांग्रेस नेता और पूर्व गृहमंत्री पी चिदंबरम की ओर से आर्टिकल 370 खत्म करने को लेकर दिए गए बयान पर एक मुस्लिम नेता की ओर से बड़ी ही तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। उत्तर प्रदेश के एक युवा मुस्लिम नेता ने उस बयान के लिए चिदंबरम का मुंह काला करने वाले को 21 हजार रुपये बतौर इनाम देने की घोषणा की है।

मुंह काला करने वाले को 'ईदी' के पैसों से इनाम
कांग्रेस नेता चिदंबरम के चेहरे पर कालिख पोतने वाले को इनाम का ऐलान करने वाले आमिर राशिद का आरोप है कि पूर्व गृहमंत्री का बयान हिंदू-मुस्लिम एकता के लिए बहुत ही घातक है। यूपी के अलीगढ़ जिला मुस्लिम यूथ एसोसिएशन नामक संगठन के चीफ आमिर राशिद के मुताबिक, "उनकी टिप्पणी हिंदू-मुस्लिम एकता के लिए नुकसानदेह है। मैं उनका मुंह काला करने वाले किसी भी आदमी को अपनी ईदी (ईद में गिफ्ट के तौर मिलने वाले पैसे) से 21,000 रुपये दूंगा।"

चिदंबरम ने कहा क्या था?
गौरतलब है कि बकरीद के एक दिन पहले ही उन्होंने आरोप लगाया था कि कश्मीर हिंदू बहुल होता तो बीजेपी आर्टिकल 370 कभी नहीं हटाती, उसने सिर्फ इसलिए ऐसा किया है, क्योंकि वो मुस्लिम बहुल इलाका है। उन्होंने कहा था, "अगर कश्मीर में हिंदू बहुसंख्यक होते तो बीजेपी उसे (आर्टिकल 370) हाथ भी नहीं लगाती। क्योंकि, वहां मुसलमान बहुसंख्यक हैं, इसलिए बीजेपी ने ऐसा किया है।" उन्होंने मोदी सरकार पर यह कहकर निशाना साधा था कि जो लोग कश्मीर के 72 वर्षों का इतिहास नहीं जानते उन्होंने ताकत के दम पर आर्टिकल 370 को मिटा दिया। उनके अनुसार, 'जम्मू और कश्मीर भारत का अंग है। इसमें कोई शक नहीं है। अगर कोई शक है, तो वह सिर्फ बीजेपी को है। जो लोग 72 वर्षों के इतिहास को नहीं जानते, उन्होंने शक्ति के दम पर ऐसा (370) किया है।" कांग्रेस नेता ने ये भी कहा था कि, "मैं सच कह रहा हूं कि 370 हटाने के खिलाफ हजारों लोग जमा हैं.....आंसू गैस......गोलियां.....यह सब सच्चाई है।"
370 हटाने पर खुर्शीद को भी आपत्ति
कांग्रेस के एक और वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने कहा है कि अगर बीजेपी के पास 370 से बेहतर कुछ होता है, जो कश्मीर को भारत के साथ और भी अधिक घनिष्ठता से जोड़ता तो किसी को भी आपत्ति नहीं होती। लेकिन, जिस तरह से उन्होंने ऐसा किया है, वो संवैधानिक रूप से प्रश्न खड़ा करता है। सलमान खुर्शीद ने आगे कहा, 'जब तक आप पर्याप्त या बेहतर विकल्प के रूप में कुछ लेकर नहीं आते, तब तक यह निश्चित रूप से राजनीतिक रूप से यह बहुत बुद्धिमानी नहीं है। हमारी संयुक्त और राष्ट्रीय सहमति कि कश्मीर अभिन्न अंग है और हमने इसे प्रस्ताव को मजबूत किया। हमें नहीं लगता है कि बीजेपी ने अभी तक ऐसा कुछ कर दिखाया है। वहीं अनुच्छेद 370 पर पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने कहा कि, 'इसका नतीजा हमारे देश के बहुत से लोगों की पसंद के अनुसार नहीं है, यह जरूरी है कि हर आवाज को सुना जाए। अपनी आवाज उठाने से ही हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि दीर्घकाल में आइडिया ऑफ इंडिया का अस्तित्व रहे।












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