मुनव्वर राणा बोले- 'मुसलमानों! तुम्हें औवैसी की जीत और बिहार की हार मुबारक हो'
लखनऊ। बिहार विधानसभा चुनाव में तेजस्वी यादव की अगुवाई में महागठबंधन में जोरदार मुकाबला लड़ा लेकिन आखिर उसे हार का सामना करना पड़ा। सत्ताधारी एनडीए 125 सीट पाकर फिर से सरकार बनाने में सफल रहा है जबकि महागठबंधन 110 सीटों पर ठहर गया। वहीं चुनाव परिणाम के बाद बिहार में 5 सीट जीतने वाली AIMIM के नेता असदुद्दीन ओवैसी को निशाने पर लिया जा रहा है। इसी में नया नाम मशहूर शायर मुनव्वर राणा (Munawwar Rana) का भी आ गया है।

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मुनव्वर राणा ने असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन की जीत पर मुसलमान वोटरों पर निशाना साधा है।
राणा ने अपने ट्वीट में लिखा है कि "मुसलमानों! तुम्हें औवैसी की जीत और बिहार की हार मुबारक हो।"
"मैं तो शायर हूँ मेरी बात कहां मानोगे,
तुमने झुठला दिए दुनिया में पयम्बर कितने।"
कांग्रेस और आरजेडी के कई नेता कह चुके हैं कि मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में ओवैसी की पार्टी को अधिक वोट मिले हैं। लालू यादव के राजनीति में उभरने के समय से ही मुस्लिम वोट उनके साथ रहा है लेकिन इस बार सीमांचल की कई सीटों पर AIMIM के उम्मीदवारों ने अच्छा प्रदर्शन किया जबकि 5 सीटें तो पार्टी जीती भी है।
राणा पिछले दिनों ही फ्रांस में शिक्षक का सिर कलम करने वाले हत्यारे के समर्थन में बोल चुके हैं। अब राणा ने ओवैसी को वोट देने के लिए बिहार के मुसलमान वोटरों पर निशाना साधा है। वहीं मुनव्वर राणा के मुसलमानों के बारे में इस तरह कहने को लेकर विरोध भी हो रहा है।
उनकी ट्वीट के जवाब में मोहम्मद उस्मान ने लिखा है "कांग्रेस 70 सीट पर लड़ी 19 जीती, AIMIM 20 सीट पर लड़ी 5 जीती, अब बताओ बिहार में वोट कटवा कौन साबित हुआ, 60 साल सत्ता में रहने वाली पार्टी का बुरा हाल देखकर रोना आ रहा है, वक्त सबका आता है हम सबका दौर आएगा"
आसिफ रजा कादरी लिखते हैं "मुसलमान शिक्षा क्षेत्र में आगे बढ़े तो उसे "जिहाद" का नाम दिया जाता है! मुसलमान सियासी तौर पर अपना लीडरशिप खड़ी करे तो उसे "एजेंट" कह दिया जाता है। मुसलमान अपने फंडामेंटलराइट, हक़, हिस्सेदारी की बात करे तो "कट्टर" हो जाता है। कौन हैं ये? किसने इन्हे हमारा ठेकेदार बनाया है?
अनुराग मिश्रा नाम के यूजर ने लिखा है "लोकतंत्र में आये नतीजों का सम्मान करना सीखिए,राणा साहब।विभाजनकारी हिन्दू मुस्लिम एजेंडा चलाकर नया जिन्ना बनने की कोशिश छोड़ दो।यह 1947 का भारत नहीं,2020 का मोदीजी का भारत है।"
मुनव्वर राणा ने ट्वीट पर खबर लिखे जाने तक हजार के करीब रिप्लाई आ चुके हैं जिसमें अधिकांश लोग उनके खिलाफ ही लिख रहे हैं। वहीं कुछ लोग उनके फ्रांस में शिक्षक की हत्या का समर्थन किए जाने पर भी हमले कर रहे हैं।












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