'सांसदों को भरोसे में नहीं लिया', नई संसद के उद्घाटन से दूर रहने वाले विपक्षी दलों के फैसले पर बोले शरद पवार
Sharad Pawar on New Parliament Inauguration: शरद पवार ने नई संसद के उद्घाटन से दूर रहने वाले विपक्षी दलों के फैसले का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि इस मामसे में सांसदों को विश्वास में नहीं लिया गया।

शरद पवार ने शनिवार को कहा कि इस पर सांसदों को भरोसे में नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि नई संसद का उद्घाटन पीएम मोदी के बजाय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को करना चाहिए। पुणे में संवाददाताओं से बात करते हुए एनसीपी प्रमुख ने कहा कि वह कई वर्षों से संसद सदस्य रहे हैं। औपनिवेशिक युग की मौजूदा इमारत अच्छी स्थिति में थी।
शरद पवार ने कहा कि उन्होंने अखबारों में पढ़ा है कि नए संसद भवन का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब संसद भवन का निर्माण पूरा हो चुका है तो हमसे उद्घाटन के बारे में सलाह नहीं ली गई। मानदंडों के अनुसार, भारत के राष्ट्रपति हर साल संसद के पहले सत्र को संबोधित करते हैं। इसलिए यह स्पष्ट है कि राष्ट्रपति को नए भवन का उद्घाटन करना चाहिए।
इस मामले में किसी को भरोसे में नहीं लिया गया। जिससे वरिष्ठ विपक्षी नेताओं को लगा कि हमें दूर रहना चाहिए और मैं इससे सहमत हूं। विपक्षी दलों ने तर्क दिया कि राष्ट्रपति मुर्मू को सम्मान करना चाहिए, क्योंकि वह न केवल राज्य की प्रमुख हैं, बल्कि संसद का एक अभिन्न अंग भी हैं। लेकिन भारत के राष्ट्रपति को ही उद्घाटन समारोह में शामिल नहीं किया गया।
Recommended Video

यह भी पढ़ें- केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ केजरीवाल के समर्थन में आए शरद पवार, कहा- यह अब दिल्ली का नहीं देश का मुद्दा












Click it and Unblock the Notifications