Amita Prajapati: पापा की परी 'उल्टी खोपड़ी' से बन गई CA! इस लड़की की कहानी सुन करेंगे सैल्यूट
अपने लक्ष्य के हासिल करने के लिए अगर मेहनत मन से की जाए तो सफलता निश्चित है। इस बात के कई उदाहरण हमारे बीच हैं। एक चाय बेंचने वाले पिता की बेटी सीए फाइनल की परीक्षा पास करके एक बार फिर सफलता का नया अध्याय लिखा है। 10 साल संघर्षों के बीच कड़ी मेहनत और कुछ करने की लगन के साथ आगे बढ़ने वाली अमिता प्रजापति ने ये साबित कर दिया है, सफलता के लिए सिर्फ सुविधाएं जरूरी नहीं है।
झुग्गी-झोपड़ी में पली-बढ़ी अमिता प्रजापति अब CA बन गई हैं। अमिता ने सोशल मीडिया में पोस्ट कर अपनी कहानी शेयर की है और बताया कि लोग उसे झोपड़ी की उल्टी खोपड़ी कहते थे। खैर अमिता ने पहले बार पापा को गले लगाया और वीडियो शेयर करते हुए अपनी स्लम से सक्सेस की कहनी और उस दौरान आई चुनौतियों के बारे में बताया।

दिल्ली की अमिता प्रजापति पिता चाय बेंचने का काम करते हैं। उन्होंने एक दशक की कड़ी मेहनत के बाद बेहद कठिन चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) परीक्षा पास की। सीए फाइनल का परिणाम जारी होने के बाद अपने माता-पिता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए एक पोस्ट साझा किया है।
चार्टर्ड अकाउंटेंट अमिता प्रजापति की कहानी ये बताता है कि कैसे चाय बेचने वाले की लड़की जो झुग्गी-झोपड़ी में रहती थी वो चार्टर्ड अकाउंटेंट बन गई।
पिता ने दिया पूरा सपोर्ट
अमिता प्रजापति दिल्ली में रहती हैं और यहां उनके पिता चाय की दुकान चलाते हैं। पिता बचपन से ही अपनी बेटी को पढ़ाने के लिए आगे रहे हैं। ऐसे में अमिता के हौसले कभी कम नहीं हुए। गरीब पृष्ठभूमि होने के के चलते कई चुनौतियां सामने आईं लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
अमिता स्कूल के काम निपटाने के बाद चाय की दुकान पर अपने पिता की मदद करती थी। रात में घर लौटने के बाद केरोसिन की चिमनी में पढ़ाई करती थी।
अमिता ने शेयर की कहानी
अमिता ने 11 जुलाई 2024 को अपनी सीए परीक्षा पास की। रिजल्ट आने के बाद वे अपने पिता ले लिपट कर आभार जताने लगीं तो दोनों के आंसू निकल आए। एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, "10 साल लग गए। हर रोज खुद से पूछती थी ये सपना ही है या कभी सच भी होगा। आखिरकार 11 जुलाई 2024 को ये सच हो गया...लोग कहते थे क्यों करवा रहे हो इतना बड़ा कोर्स, तुम्हारी बेटी नहीं कर पाएगी। कहते थे पैसा बचाकर घर बना लो कब तक जवान बेटियों को लेकर सड़क पे रहोगे...लेकिन पापा ने किसी की एक नहीं सुनी।"
पोस्ट में अमिता ने बताया उनका परिवार दिल्ली के स्लम एरिया में रहता है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा, "मैं स्लम में रहती हूं। मुझे कोई शर्म नहीं है। कुछ मुझे झुग्गी की उल्टी खोपड़ी कहते थे। हां, सच है उल्टी खोपड़ी नहीं होती तो क्या आज यहां पहुंचती। अब इस लायक हू के अपने पापा को घर बनवा के दे सकती हूं। उनकी सारी ख्वाहिशें पूरी कर सकती हूं। पहली बार पापा को गले लगा कर रोई ये सुकून है।"












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