Money Laundering Case: पत्रकार राणा अय्यूब को SC से लगा झटका, कोर्ट के समन के खिलाफ याचिका खारिज की
Money Laundering Case:पत्रकार राणा अय्यूब को मनी लॉन्ड्रिंग केस में बड़ा झटक लगा है।द् सुप्रीम कोर्ट ने गाजियाबाद कोर्ट के समन को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है।

पत्रकार राणा अय्यूब को सुप्रीम कोर्ट से मंगलवार को बड़ा झटका लगा है। देश की सर्वोच्च न्यायायल ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में पत्रकार राणा अय्यूब की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें गाजियाबाद के पर्वतन निदेशालय द्वारा भेजे गए समन को चुनौती दी गई थी। जस्टिस वी रामासुब्रमण्यम और जेबी पारदीवाला की पीठ ने अय्यूब को गाजियाबाद की विशेष सीबीआई अदालत के समक्ष मुकदमे के दौरान सवाल उठाने की अनुमति दी, इसके साथ ही उन्होंने कहा ये साक्ष्य का सवाल है।
यूपी की अदालत में मामला दर्ज किए जाने पर आपत्ति जताई थी
शीर्ष अदालत ने कहा कि इस याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए कहा मनी लॉन्ड्रिंग का अपराध कहां हुआ, यह एक "तथ्य का सवाल" है, जिसका परीक्षण के दौरान फैसला किया जाना है। महिला पत्रकार राणा अय्यूब ने उत्तर प्रदेश की अदालत में मामला दर्ज किए जाने पर आपत्ति जताई क्योंकि उसने दावा किया कि जिस बैंक खाते में पैसा जमा किया गया था वह नवी मुंबई में था जहां सुनवाई होनी चाहिए। राणा अय्यूब ने अपनी रिट याचिका में अधिकार क्षेत्र का हवाला देते हुए ईडी द्वारा गाजियाबाद में शुरू की गई कार्यवाही को रद्द करने की मांग की थी, क्योंकि मनी लॉन्ड्रिंग का कथित अपराध मुंबई में हुआ था।
मनी लॉन्ड्रिंग का लगा है आरोप
गौरतलब है कि पत्रकार राणा अय्यूब पर नवंबर में कोविड-19 रोगियों के लिए क्राउडफंडिंग शुरू करने के लिए मनी लॉन्ड्रिंग अपराध का आरोप लगाया गया था और उस पर अपने आनंद के लिए धन का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया था। पिछले साल 29 नवंबर को गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए अदालत ने ईडी द्वारा दायर अभियोजन शिकायत (चार्जशीट) का संज्ञान लिया और अय्यूब को तलब किया था।
जानें चैरिटी के तहत कितनी की धनउगाही
ईडी का आरोपपत्र प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 की धारा 44 के साथ पढ़ी जाने वाली धारा 45 के तहत दायर किया गया था। पिछले साल 12 अक्टूबर को ईडी ने अय्यूब के खिलाफ आरोप पत्र जो दायर किया गया था उसमें जनता को धोखा देने और उनका इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया था। व्यक्तिगत संपत्ति बनाने और विदेशी योगदान कानून का उल्लंघन करने के लिए उन्हें 2.69 करोड़ रुपये दान में मिले। ईडी ने अपने बयान में कहा था राणा अय्यूब ने अप्रैल 2020 से 'केटो' प्लेटफॉर्म पर तीन धन उगाहने वाले चैरिटी अभियान शुरू किए और कुल 2,69,44,680 रुपये की धनराशि एकत्र की।
सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था
31 जनवरी को गाजियाबाद कोर्ट के समन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था। 25 जनवरी को गाजियाबाद की एक विशेष अदालत से कहा था कि अय्यूब के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्यवाही को 27 जनवरी को सुनवाई के लिए 31 जनवरी के बाद के लिए स्थगित कर दिया जाए।












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