देशभर के राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए जारी होगा टोल फ्री नंबर 1033, तुरंत मिलेगी मदद
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजमार्ग पर होने वाले सड़क हादसों को लेकर केंद्र सरकार राष्ट्रीय टोलफ्री नंबर लॉच करने जा रही है, ताकि इस नंबर पर फोन करके लोगों को त्वरित मदद मुहैया कराई जा सके। इस टॉल फ्री नंबर पर फोन करके लोग अपनी शिकायत और इस राजमार्ग के रखरखाव की शिकायत कर सकें। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया इसके लिए टॉल फ्री नंबर 1033 लॉच करने जा रही है, यह नंबर फरवरी माह के पहले हफ्ते में लॉच किया जा सकता है। एनएचएआई के चेयरमैन दीपक कुमार ने बताया कि इस प्रोजेक्ट से संबंधित सभी काम हमने पूरा कर लिया है, इस प्रोजेक्ट का मुख्य लक्ष्य है कि लोगों को जल्द से जल्द मदद मुहैया कराई जाए, हाईवे पर होने वाले सड़क हादसे में लोगों जल्द से जल्द मदद पहुंचाने और उन्हें नजदीक के अस्पताल पहुंचाने में यह टोल फ्री नंबर काफी कारगर साबित होगा। उन्होंने कहा कि इस टोल फ्री नंबर को लोकप्रिय बनाने और लोगों को इसके बारे में जागरूक करने के लिए बड़े स्तर पर इसका प्रचार किया जाएगा, इस नंबर को सड़क पर यात्रा करने वालों तक पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। सूत्रों की मानें तो इंडियन हाईवे मैनेजमैंट कंपनी लिमिटेड व एनएचएआई ने सभी हाईवे पर जियोग्रैफिक इंफोर्मेशन सिस्टम की मैपिंग का काम पूरा कर लिया है।

हाईवे की मैपिंग का काम पूरा
हाईवे की मैपिंग के जरिए इस बात की जानकारी हासिल करने में मदद मिलेगी कि कहां से टोल फ्री नंबर पर फोन किया गया है, जिसके बाद कॉल करने वाले का पास नजदीकी मदद पहुंचाने में मदद मिलेगी, यही नहीं उस व्यक्ति से उसकी स्थानीय भाषा में बात करने के लिए संबंधित कॉल सेंटर को फोन ट्रांसफर किया जाएगा। एनएचएआई के अधिकारी ने बताया कि 1033 ऐसा टोल फ्री नंबर होगा जिसपर लोगों को हर तरह की मदद मुहैया कराई जाएगी, इस नंबर पर लोगों को आपात काल की सुविधा के साथ अन्य शिकायतों का भी निपटारा किया जाएगा।

तत्काल मदद पहुंचेगी
इस टोल फ्री नंबर के लॉच होने के बाद अगर हाईवे पर कोई हादसा होता है तो इसकी जानकारी देने पर यह संदेश तुरंत कार्रवाई के लिए स्थानीय सेंटर को ट्रांसफर किया जाएगा, जिसमे एंबुलेंस सेवा को भी मौके पर भेजा जाना सुनिश्चित किया जाएगा, क्रेन को मौके पर पहुंचाया जाएगा, जिससे की लोगों को तुरंत मदद दी जा सके। आपको बता दें कि राष्ट्रीय राजमार्ग का नेटवर्क देश के सड़क नेटवर्क का सिर्फ 2 फीसदी ही है, लेकिन इनपर 30 फीसदी सड़क हादसे होते हैं।

30 फीसदी हादसे राष्ट्रीय राजमार्ग पर
वर्ष 2016 मे राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुल 52075 हादसे हुए हैं, जिसमे से 1.46 लोग घायल हुए हैं। सरकार की रिपोर्ट के अनुसार अगर सड़क हादसे के दौरान लोगों को तुरंत मदद महुंचायी जाए तो 50 फीसदी लोगों की जान बच सकती है। एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार टोल फ्री नंबर पर की जाने वाली शिकायत को इससे संबंधित लोगों के पास ट्रांसफर किया जाएगा, जिससे कि लोगों को तुरंत मदद पहुंचाई जा सके। इसके लिए हमने पुख्ता तंत्र बनाया है जिससे कि जिन लोगों की शिकायत का निपटारा नहीं होता है उनकी भी मदद की जा सके और लापरवाही करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई का जा सके।
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