बांग्लादेश के मौजूदा हालात को देखते हुए मोदी सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर नजर रखने के लिए बनाई समिति
India-Bangladesh Border (IBB): बांग्लादेश में सरकार के तख्तापटल के बाद वहां की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भारत में शरण ली है। तख्तापटल के बाद बांग्लादेश में फैली अशांति और हिंसा के बीच वहां पर अंतरिम सरकार का गठन हो चुका है। वहीं बांग्लादेश के मौजूदा हालात को देखते हुए केंद्र सरकार और अलट हो चुकी है।
मोदी सरकार ने 'बांग्लादेश में मौजूदा स्थिति के मद्देनजर, मोदी सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा (आईबीबी) पर मौजूदा स्थिति की निगरानी के लिए एक समिति का गठन कर दिया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर एक पोस्ट लिखकर ये जानकारी साझाा की। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा ''मोदी सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा (आईबीबी) पर मौजूदा स्थिति की निगरानी के लिए एक समिति का गठन किया है। समिति अपने समकक्ष अधिकारियों के साथ संचार चैनल बनाए रखेगी।''
बांग्लादेश में वहां रहने वाले भारतीय नागरिकों, हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समिति की अध्यक्षता एडीजी, सीमा सुरक्षा बल, पूर्वी कमान करेंगे।
गौरतलब है कि शुक्रवार को एक बार फिर भारत- बांग्लादेश बार्डर पर बांग्लादेशी एकत्र हो गए जिन्हें जीरो प्वाइंट पर बीएसएफ के जवानों ने रोका।
बता दें भारत-बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ अपने बांग्लादेशी समकक्षों (बीजीबी) के साथ मिलकर स्थिति को प्रभावी ढंग से संभाल रहा है। उन्होंने बार्डर पर एकत्र हुए लोगों को समझाया है कि मौजूदा परिस्थितियों में उन्हें भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा सकती।
अमित शाह ने इस बात पर जोर दिया कि इस समिति के माध्यम से बांग्लादेशी अधिकारियों के साथ संवाद के चैनल खुले रहेंगे। इससे सीमा के दोनों ओर शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए समन्वित प्रयास सुनिश्चित होंगे।
बंगाल सीमा पर तनाव जारी रहने के कारण भारत सरकार सतर्क है। स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि स्थिति को बढ़ने से रोका जा सके और सभी संबंधित पक्षों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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