रूस के साथ भारत का बड़ा करार, 7.47 लाख राइफल के निर्माण को मंजूरी

नई दिल्ली। देश की सेना को और मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है। पहले मोदी सरकार ने 72400 असॉल्ट राइफल खरीदने का फैसला लिया था और इसके लिए अमेरिका की कंपनी से करार किया था, इसके बाद अब रूस के साथ रक्षा क्षेत्र में एक और बड़ा फैसला लिया गया है। बुधवार देर शाम तक चली बैठक में केंद्र सरकार ने रूस के साथ मिलकर 7.47 लाख राइफलों के निर्माण के करार का फैसला लिया है। अहम बात यह है कि इन राइफलों को उत्तर प्रदेश के अमेठी में तैयार किया जाएगा। अमेठी में राइफलों को बनाने का प्लांट लगाया जाएगा, जहां इसे तैयार किया जाएगा।

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यह कराररूस की कलाश्निकोव कंसर्न और भारत की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड के बीच यह करार हुआ है, जोकि मिलकर एके-47 की तीसरी पीढ़ी की राइफल एके-203 का निर्माण करेंगी। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच आधिकारिक समझौते के बाद इस करार पर दस्तखत किए जा सकते हैं। करार के बाद ही राइफल की कीमतों और कबतक यह बनकर तैयार होगी इन तमाम बातों की जानकारी सामने आएगाआपको बता दें कि इन राइफलों का निर्माण पूरी तरह से मेक इन इंडिया अभियान के तहत किया जाएगा। इसके लिए अभिरूचि पत्र मांगे गए थे, जिसके बाद इसे मंजूरी दी गई है।

गौरतलब है कि इससे पहले भारत ने 72400 असॉल्ट राइफलों को खरीदने का करार अमेरिका की कंपनी से किया था। यह करार फास्ट ट्रैक प्रोक्योरमेंट के तहत किया गया था। जिसके तहत एसआईजी जॉर असॉल्ट राइफल्स को लेकर अमेरिका के साथ करार किया गया है। इस करार की अहम बात यह है कि एक वर्ष के भीतर 72400 राइफलें भारत को मिल जाएंगी, जोकि 7.62 एमएम की राइफलें है। फिलहाल भारत में सुरक्षाबल 5.56x45 एमएम की इनसास राइफलों का इस्तेमाल करते हैं।

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