यूं नहीं राहुल गांधी ने बड़ा दावा किया, दो दशक की सबसे कमजोर सरकार है Modi 3.0, आसान नहीं है राह
वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जिस तरह से एनडीए सरकार को लेकर बयान दिया और कहा कि एनडीए सरकार बहुत ही नाजुक हालत में है और उनकी संख्या इतनी कम है कि एक छोटी सी गलती से भी यह सरकार गिर सकती है।
राहुल गांधी ने दावा किया है कि मोदी सरकार जरा सी भी गलती करती है तो यह सरकार गिर सकती है। उन्होंने कहा कि एनडीए के कई सांसद इंडिया गठबंधन के संपर्क में है। राहुल गांधी ने जिस तरह का दावा किया है, उसे सिरे से खारिज नहीं किया जा सकता है।

2004 में मनमोहन सरकार की स्थिति
मौजूदा मोदी सरकार की बात करें तो यह पिछले दो दशक की सबसे कमजोर सरकार है और यह आंकड़े बयां करते हैं। दरअसल 2004 में जब पहली बार मनमोहन सिंह की सरकार बनी तो उस वक्त कांग्रेस की सीटें काफी कम थीं, लेकिन मनमोहन सिंह सरकार को 335 सांसदों का समर्थन प्राप्त था
2009 में मनमोहन सरकार के हालात
इसी तरह से 2009 में मनमोहन सिंह की दोबारा सरकार बनी तो सरकार को समर्थन दे रहे सांसदों की संख्या 322 थी, हालांकि यूपीए-2 में सांसदों की संख्या कम थी, लेकिन सरकार को समर्थन दे रहे सांसदों की संख्या 322 थी।
मोदी 1.0
मोदी सरकार के पहले कार्यकाल की बात करें तो उनकी सरकार को 336 सांसदों का समर्थन मिला था, जिसमे भाजपा खुद अकेले दम पर 282 से ऊपर थी। यानि पार्टी अकेले दम पर बहुमत में थी।
मोदी 2.0
मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल की बात करें तो इसमे भाजपा ने और भी जबरदस्त प्रदर्शन किया। 2019 में भाजपा ने अपने पुराने रिकॉर्ड को तोड़ा और अपने दम पर अकेले भाजपा 300 को पार कर गई। जबकि सरकार को 353 सांसदों का समर्थन प्राप्त था।
मोदी 3.0
लेकिन इस बार की मोदी सरकार की बात करें तो इस बार हालात काफी डांवाडोल हैं। इस बार भाजपा की सारी गणित बिगड़ गई। भाजपा की खुद की संख्या 240 पर आ गई, जबकि इस सरकार को सिर्फ 293 सांसदों का समर्थन प्राप्त है।
यानि मौजूदा मोदी सरकार पिछले दो दशक में केंद्र में बनी सरकार की तुलना में सबसे कमजोर सरकार नजर आ रही है। यही वजह है कि राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, शरद पवार, उद्धव ठाकरे लगातार इस सरकार पर हमलावर हैं। ये लोग दावा कर रहे हैं कि मौजूदा सरकार अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएगी।












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