गलती से खाते में आ गए 40 लाख को इस काम में किया खर्च, अब हुआ ये हाल
तिरुपुर (तमिलनाडु)। एक शख्स के बैंक अकाउंट में गलती से करीब 40 लाख रुपये आ गए। एक साथ इतने पैसे आने के बावजूद इस शख्स ने ये जानने की कोशिश नहीं की कि आखिर ये रुपये आए कहां से हैं? इन पैसों को लेकर उसने न तो बैंक से कोई संपर्क किया और ना ही कोई जांच-पड़ताल ही की। इसकी जगह उसने अपनी पत्नी के साथ मिलकर इन पैसों को खर्च करना शुरू कर दिया। टीओआई की खबर के मुताबिक, खाते में गलती से आए 40 लाख रुपये में उसने प्रॉपर्टी खरीदी, अपनी बेटी की शादी कराई। यही नहीं ऐसे ही कई और काम उसने इन पैसों से किए। हालांकि, अब इस मामले में इस कपल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उन्हें पैसे नहीं लौटाने पर अब कोर्ट ने 3 साल के लिए जेल भेज दिया है।

2012 में एक LIC एजेंट के खाते में आए थे 40 लाख
पूरा मामला साल 2012 का है, जब तमिलनाडु के तिरुपुर में रहने वाले एलआईसी एजेंट वी गुनसेकरन के खाते में अचानक ही 40 लाख रुपये आ गए। टीओआई की खबर के मुताबिक, गुनसेकरन ने इन पैसों की कोई जांच-पड़ताल नहीं की और पूरे पैसों को खर्च कर दिया। बताया जा रहा कि जो पैसे उसके अकाउंट में आए थे वो सांसद और विधायक निधि के तहत लोक निर्माण विभाग को जाना था। हालांकि, अधिकारियों की गलती के चलते डिमांड ड्राफ्ट में गुनसेकरन का अकाउंट नंबर डल गया, जिससे उसके खाते में पैसा चला गया।

कपल ने खर्च कर दिए सारे पैसे
इस बीच खाते में पैसे आने के बाद गुनसेकरन ने उन पैसों की कोई जानकारी नहीं ली। इसकी जगह उन्होंने इसे खर्च कर दिया। बैंक अधिकारियों को जब इस बात की जानकारी मिली की पैसे गलत खाते में चले गए तो उन्होंने इसकी जांच की पता चला कि ये ट्रांसफर होने के कुछ दिन बाद ही खर्च कर दिए गए। पूरे मामले में पैसा वापस लौटाने की बात गुनसेकरन से कही गई, लेकिन वो इसमें सफल नहीं हो सके। कई बार कहने के बाद भी जब गुनसेकरन ने पैसे नहीं लौटाए तो उसके खिलाफ 2015 में असिस्टेंट जनरल मैनेजर नरसिम्हा गिरि ने तिरुपुर सिटी के सेंट्रल क्राइम ब्रांच पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

40 लाख नहीं लौटाने पर कोर्ट ने पति-पत्नी को भेजा जेल
सेंट्रल क्राइम ब्रांच पुलिस ने गुनसेकरन और उसकी पत्नी के खिलाफ आईपीसी की धारा 403 और 120बी समेत कई धाराओं केस दर्ज किया। इस मामले में तिरुपुर न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेशी से पहले दंपत्ति ने अग्रिम जमानत ले ली। अभियोजन पक्ष के वकील इब्राहिम राजा ने बताया कि गुरसेकरन ने एक हलफनामा दायर किया था जिसमें उन्होंने पैसे वाप करने की बात कही थी, हालांकि कई बार निर्देश के बावजूद उन्होंने ऐसा नहीं किया। आखिरकार अभियोजन पक्ष ने मामले में केस साबित कर दिया, जिसके बाद कोर्ट ने इस दंपत्ति को तीन साल के लिए कोयंबटूर सेंट्रल जेल भेज दिया।












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