Mission 2019: 2019 में मोदी फेल और राहुल हिट होते हैं तो ये होगी बड़ी वजह!

केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाने वाले बीजेपी के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा के तेवरों से बीजेपी खेमे में चुप्पी छाई हुई है।

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    2019 Lok Sabha Election: Narendra Modi इन कारणों से Rahul Gandhi से हार सकते हैं | वनइंडिया हिंदी

    नई दिल्ली। राजनीति में कल का दुश्मन कब दोस्त बन जाए पता ही नहीं चलता और आज का दोस्त कब आपकी जड़े हिलाना शुरू कर दे इसकी भी खबर नहीं होती है। इन दिनों केंद्र की राजनीति में मोदी सरकार के खिलाफ बीजेपी के भीतर से ही कुछ आवाजें उठ रही हैं। पार्टी में हाशिए पर चल रहे कुछ नेताओं की तरफ से सरकार के काम-काज पर जब सवाल उठे तो उन्हें विपक्षी दलों से सहारा मिल रहा है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस हो या फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल बैठे वामपंथी दल, सबने उन नेताओं का समर्थन किया है जो अबतक इन विपक्षी दलों के निशाने पर होते थे।

    राहुल को मिलेगा ये फायदा

    राहुल को मिलेगा ये फायदा

    पूर्व वित्त मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा और वित्त मंत्री अरुण जेटली के बीच जुबानी जंग थमने का नाम नहीं ले रही है।अब यशवंत सिन्हा ने जेटली पर पलटवार करते हुए कहा है कि अगर मैं नौकरी मांगता तो अरुण जेटली वहां नहीं होते। इस जुबानी वार-पलटवार का सीधा नुकसान बीजेपी को तो होगा साथ ही कांग्रेस को फायदा भी हो सकता है। कांग्रेस ने यशवंत सिन्हा के इस बयान को भुनाना भी शुरू कर दिया। जब तक देश की खस्ताहाल इकॉनमी पर कांग्रेस और अन्य दलों ने नेता सवाल उठाते थे तब तो मोदी सरकार के पास जवाब होता था लेकिन जब बीजेपी के नेता ही सवाल उठा रहे हैं तो बीजेपी के पास ठोस जवाब नहीं है। ऐसे में जानकारों का मानना है कि बीजेपी के अंदर इस खींचतान का फायदा कांग्रेस को 2019 में मिल सकता है।

    हमलावर हुआ विपक्ष

    हमलावर हुआ विपक्ष

    पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम से लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तक ने सिन्हा का हवाला देते हुए सरकार पर जोरदार प्रहार किया है। राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर तंज कसा। कांग्रेस उपाध्यक्ष ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल के जरिए कहा, 'देवियों और सज्जनों आपके को-पायलट और वित्त मंत्री बोल रहे हैं, कृपया सीट बेल्ट बांध लें, हमारे प्लेन के पंख गिर गए हैं।

     बीजेपी चुप क्यों है?

    बीजेपी चुप क्यों है?

    केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाने वाले बीजेपी के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा के तेवरों से बीजेपी खेमे में चुप्पी छाई हुई है। हालांकि यशवंत सिन्हा का जुबानी हमला बरकरार है।अखबार में लेख के बाद गुरुवार को यशवंत सिन्हा खुलकर मीडिया के सामने आए और सरकार पर अपने हमले को तेज करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी पर सीधे तौर पर निशाना साधा।

    पिछली सरकारें नहीं है जिम्मेदार

    पिछली सरकारें नहीं है जिम्मेदार

    यशवंत सिन्हा बोले कि पिछले डेढ़ साल से अर्थव्यस्था में लगातार गिरावट का दौर जारी है और इसके लिए पिछली सरकारों को जिम्मेदार ठहराया जाना सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि 40 महीने सरकार में रहने के बाद हम पिछली सरकारों को दोष नहीं दे सकते। सिन्हा ने केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और पीयूष गोयल की आर्थिक समझ को लेकर भी तंज कसा है। यशंवत सिन्हा ने फिर लफ्जों का करारा प्रहार करते हुए जेटली को चित करने की कोशिश की है।जेटली के नौकरी ढूंढने के बयान पर पलटवार करते हुए यशवंत सिन्हा का बयान आया है कि जिन्होने कभी लोकसभा की सूरत नहीं देखी वो मुझ पर नौकरी मांगने का आरोप लगा रहे है। लगता है कि वे भूल गए है कि मेरी 12 साल की आईएएस की सेवाएं बाकी थी जब मै नौकरी छोड़ राजनीति में आया था। मै आज 80 साल की उम्र में नौकरी ढूंढ रहा हूं, जेटली का ये बयान कैसे सही हो सकता है।

     सिन्हा का जेटली पर निशाना

    सिन्हा का जेटली पर निशाना

    गौरतलब है कि वाजपेयी सरकार में मंत्री रहे यशवंत सिन्हा ने वित्त मंत्री अरुण जेटली पर जोरदार निशाना साधा है। एक अंग्रेजी अखबार में लिखे लेख में उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री ने अर्थव्यवस्था का 'कबाड़ा' कर दिया है। उन्होंने नोटबंदी को सुस्त अर्थव्यवस्था की आग में घी डालने वाला बताया। साथ जीएसटी में भी खामियां बताईं। एक दिन पहले ही बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने रोहिंग्या के मुद्दे पर सरकार और पार्टी लाइन से बाहर जाकर किरकिरी कराई थी।

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