Waqf Amendment Bill: क्यों है वक्फ बिल की जरूरत? मंत्री रिजिजू ने बताई वजह
Waqf Amendment Bill: संसद में गुरुवार को मोदी सरकार ने वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक 2024 पेश किया। इस दौरान विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। विपक्ष ने इसे "असंवैधानिक" और धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला बताया। वहीं, केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद में बताया कि वक्फ बिल की जरूरत क्यों है? क्या है इसके मायने?
बिल से किसी के अधिकारों का हनन होगा या नहीं? रिजिजू ने लगभग एक घंटे के भाषण में वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक की वकालत की। आइए जानते हैं सिलसिलेवार वजहें...

- रिजिजू ने कहा कि इस विधेयक से किसी भी धार्मिक संस्था की स्वतंत्रता में कोई हस्तक्षेप नहीं होगा...किसी के अधिकार छीनने की बात तो भूल ही जाइए, यह विधेयक उन लोगों को अधिकार देने के लिए लाया गया है जिन्हें कभी अधिकार नहीं मिले।
- रिजिजू ने कहा कि नये विधेयक के तहत राज्य वक्फ बोर्ड और केंद्रीय परिषद में महिला सदस्य होंगी।
- रिजिजू ने संसद को बताया कि मौजूदा नियमों के तहत, कई बच्चे संपत्ति के वारिस नहीं बन पाते हैं, क्योंकि दी गई जमीनें वक्फ घोषित कर दी जाती हैं। उन्होंने एक घटना का हवाला दिया जिसमें एक गांव को वक्फ संपत्ति घोषित कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि इसको धर्म से मत जोड़िए...नगरपालिका की जमीन को वक्फ कैसे घोषित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नया विधेयक इन मुद्दों को संबोधित करता है।
- सरकार को अवैध अतिक्रमण और वक्फ भूमि के हस्तांतरण के बारे में ऑनलाइन शिकायतें मिली हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि माफिया ने कुछ संपत्तियों पर कब्जा कर लिया है। उन्होंने कहा कि कुछ सांसदों ने निजी तौर पर विधेयक को मंजूरी दी है।
- विपक्ष के इस आरोप का जवाब देते हुए कि विधेयक पेश करने से पहले कोई परामर्श नहीं किया गया, रिजिजू ने कहा कि परामर्श आधिकारिक स्तर पर, राजनीतिक स्तर पर, राज्य सरकार के प्रतिनिधियों के साथ और पूरे देश में हुआ।" उन्होंने कहा कि 2015 के बाद सक्रिय परामर्श हुआ...यहां तक कि वक्फ बोर्ड के अध्यक्षों, सीईओ और अन्य प्रतिनिधियों के साथ भी।
- रिजिजू ने कहा कि इस विधेयक का नाम अब रखा गया है 'संयुक्त वक्फ अधिनियम प्रबंधन, सशक्तिकरण, दक्षता और विकास अधिनियम', 1995- 'उम्मीद'।
नाम बदलने के पीछे का मकसद ?
आज पेश किए गए वक्फ संशोधन विधेयक, 2024 में वक्फ अधिनियम, 1995 का नाम बदलकर एकीकृत वक्फ प्रबंधन, सशक्तिकरण, दक्षता और विकास अधिनियम करने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य एक केंद्रीय पोर्टल के माध्यम से वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण को सुव्यवस्थित करना भी है।
विपक्ष ने कहा कि यह विधेयक अल्पसंख्यकों के खिलाफ है
कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा कि यह विधेयक "कठोर" है और संविधान पर "मौलिक हमला" है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह विधेयक समुदायों के बीच धार्मिक विभाजन और नफ़रत पैदा करेगा। उन्होंने कहा, "हर मस्जिद में विवाद है, जहां कोई काम नहीं है। आपका मूल विचार समुदायों के बीच संघर्ष और गुस्सा पैदा करना तथा हर जगह हिंसा फैलाना है।" वेणुगोपाल ने वक्फ विधेयक को महाराष्ट्र और हरियाणा में आगामी विधानसभा चुनावों से जोड़ा।












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