MiG 21 Jet Retirement: 482 क्रैश-171 पायलटों की मौत के बाद मिग-21 की विदाई तय, कबसे गायब होगा ‘फ्लाइंग कॉफिन’?
MiG 21 Jet Retirement: भारतीय वायु सेना (IAF) के लिए एक ऐतिहासिक युग का अंत होने जा रहा है। छह दशकों तक आसमान में भारत की शान बढ़ाने वाला मिग-21 लड़ाकू विमान 62 साल बाद अब सितंबर 2025 तक सेवामुक्त किया जाएगा। इसकी जगह स्वदेशी हल्का लड़ाकू विमान (LCA) तेजस मार्क-1ए लेगा।
NDTV और ANI की ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, मिग-21 के आखिरी बचे 36 बाइसन स्क्वाड्रन, जो राजस्थान के नाल एयरबेस पर तैनात हैं, चरणबद्ध तरीके से हटाए जाएंगे। यह खबर न केवल वायु सेना के लिए, बल्कि हर उस भारतीय के लिए भावुक पल है, जिसने मिग-21 को आसमान में गरजते देखा है। आइए, जानते हैं इस विदाई की वजह, मिग-21 का गौरवशाली इतिहास, और तेजस का भविष्य...

मिग-21 की विदाई: क्यों लिया गया फैसला?
मिग-21, जिसे अपने दुर्घटना रिकॉर्ड के कारण 'फ्लाइंग कॉफिन' भी कहा जाता है, भारतीय वायु सेना की रीढ़ रहा है। लेकिन इसके पुराने डिजाइन और बार-बार होने वाली दुर्घटनाओं ने इसे रिटायर करने का रास्ता बनाया। 2023 में तत्कालीन वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने ऐलान किया था, '2025 तक हम मिग-21 को पूरी तरह बंद कर देंगे और उनकी जगह LCA मार्क-1ए लेंगे।' इसके अलावा, 2027 तक मिग-29 विमानों को भी रिटायर करने की योजना है।
रक्षा अधिकारियों के मुताबिक, मिग-21 के बचे हुए स्क्वाड्रन नाल एयरबेस, बीकानेर में तैनात हैं। इन विमानों ने कई दशकों तक भारत की हवाई सीमाओं की रक्षा की, लेकिन हाल के वर्षों में 200 से ज्यादा मिग-21 क्रैश होने से 400 से अधिक पायलटों और नागरिकों की जान गई।
मिग-21 का गौरवशाली इतिहास
1963 में भारतीय वायु सेना में शामिल हुआ मिग-21 भारत का पहला सुपरसोनिक जेट था। सोवियत संघ के मिकोयान-गुरेविच डिजाइन ब्यूरो द्वारा बनाए गए इस जेट ने 1965, 1971, और 1999 के कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। 1971 के बांग्लादेश मुक्ति युद्ध में मिग-21 ने पाकिस्तानी वायु सेना के विमानों को धूल चटाई थी। 2019 में बालाकोट हवाई हमले के दौरान विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान ने मिग-21 बाइसन उड़ाया था, हालांकि उस दौरान उनका विमान मार गिराया गया और उन्हें पाकिस्तान ने पकड़ लिया था।
मिग-21 ने अपने समय में भारत को सस्ता और प्रभावी हवाई युद्ध का विकल्प दिया, लेकिन इसके पुराने डिजाइन, सीमित रेंज, और रखरखाव की समस्याओं ने इसे जोखिम भरा बना दिया। 60 साल की सेवा के बाद अब यह जेट इतिहास की किताबों में सिमटने जा रहा है।

Why MiG-21 Called Flying Coffin: कैसे बन गया 'उड़ता ताबूत'?
1963 में भारतीय वायु सेना में शामिल मिग-21 भारत का पहला सुपरसोनिक जेट था। इसने 1965, 1971, और 1999 के कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। 1971 के बांग्लादेश मुक्ति युद्ध में मिग-21 ने पाकिस्तानी वायु सेना को कड़ी टक्कर दी थी। 2019 में बालाकोट हवाई हमले के दौरान विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान ने मिग-21 बाइसन उड़ाया, हालांकि उनका विमान मार गिराया गया।
द प्रिंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, तत्कालीन रक्षा मंत्री एके एंटनी ने 2013 में बताया था कि मिग-21 से जुड़ी 482 दुर्घटनाएं हुईं। इन दुर्घटनाओं में 171 पायलट, 39 नागरिक और सशस्त्र बलों की अन्य सेवाओं के आठ कर्मियों की मौत हुई थी। भारत की सैन्य वेबसाइटों के एक संघ, भारत-रक्षक.कॉम द्वारा संकलित एक डेटाबेस के अनुसार, 2016 और 2021 के बीच, इनमें से 57 विमान दुर्घटनाग्रस्त हुए।
लेकिन मिग-21 की दुर्घटनाओं ने इसे 'उड़ता ताबूत' का तमगा दे दिया। द प्रिंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, तत्कालीन रक्षा मंत्री एके एंटनी ने 2013 में बताया था कि 1963 से अब तक 482 क्रैश में 171 पायलटों, 39 नागरिकों, और 8 अन्य कर्मियों की जान गई। भारत की सैन्य वेबसाइटों के एक संघ, भारत-रक्षक.कॉम द्वारा संकलित एक डेटाबेस के अनुसार, 2016 और 2021 के बीच, इनमें से 57 विमान दुर्घटनाग्रस्त हुए।
2021-2025 मिग-21 का काला इतिहास: कब-कब हुआ हादसा?
मिग-21 की दुर्घटनाओं का इतिहास दशकों पुराना है। नीचे हाल के कुछ प्रमुख हादसों की सूची दी गई है, जो इस विमान की जोखिम भरी विरासत को दर्शाती है:
- 28 जुलाई 2022, बाड़मेर, राजस्थान: रात 9:10 बजे एक मिग-21 बाइसन ट्रेनर विमान उतरलाई एयरबेस से प्रशिक्षण उड़ान के दौरान क्रैश हो गया। इस हादसे में दोनों पायलट, विंग कमांडर एम राणा और फ्लाइट लेफ्टिनेंट अद्वितीय बल, मारे गए। हादसे की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी गठित की गई थी।
- 24 दिसंबर 2021, जैसलमेर, राजस्थान: एक नियमित उड़ान के दौरान मिग-21 सुदासिरी गांव के पास रेत के टीलों में क्रैश हो गया, जो भारत-पाक सीमा के करीब था। इस हादसे में पायलट विंग कमांडर हर्षित सिन्हा की मौत हो गई। भारतीय वायु सेना ने इसकी पुष्टि करते हुए जांच शुरू की।
- 25 अगस्त 2021, बाड़मेर, राजस्थान: प्रशिक्षण मिशन के दौरान मिग-21 बाइसन मत्सर भूरटिया गांव के पास क्रैश हुआ। शाम 5:30 बजे हुए इस हादसे में तकनीकी खराबी की बात सामने आई। पायलट सुरक्षित बाहर निकल आया, लेकिन आसपास का इलाका तबाह हो गया।
- 20 मई 2021, मोगा, पंजाब: मोगा के पास एक मिग-21 क्रैश में स्क्वाड्रन लीडर अभिनव चौधरी की मौत हो गई। पायलट ने पैराशूट का इस्तेमाल किया, लेकिन लैंडिंग के दौरान उनकी गर्दन में गंभीर चोट लगी। चार घंटे की तलाशी के बाद उनका शव दुर्घटनास्थल से 2 किमी दूर मिला।
- 17 मार्च 2021, ग्वालियर, मध्य प्रदेश: एक मिग-21 बाइसन लड़ाकू प्रशिक्षण मिशन के लिए उड़ान भरते समय क्रैश हो गया। इस हादसे में ग्रुप कैप्टन ए गुप्ता की जान चली गई। वायु सेना ने इसकी जांच के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी बनाई।
- 5 जनवरी 2021, सूरतगढ़, राजस्थान: रात 8:15 बजे एक मिग-21 बाइसन प्रशिक्षण उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी के कारण क्रैश हो गया। पायलट सुरक्षित बाहर निकल आया, और कोई जनहानि नहीं हुई।
Tejas Mark-1A: भारत का नया सुपरहीरो!
मिग-21 की जगह लेने के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) का स्वदेशी LCA तेजस मार्क-1ए तैयार है। HAL के सीएमडी डीके सुनील ने कहा, 'मार्च 2026 तक हम भारतीय वायु सेना को कम से कम छह तेजस मार्क-1ए विमान सौंप देंगे।' हालांकि, तेजस की डिलीवरी में देरी ने कुछ चिंताएं बढ़ाई हैं, जिसके लिए HAL ने अमेरिकी कंपनी GE एयरोस्पेस के इंजन सप्लाई में देरी को जिम्मेदार ठहराया।
तेजस मार्क-1ए एक मल्टी-रोल फाइटर जेट है, जो आधुनिक रडार, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम, और हवा से हवा व हवा से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलों से लैस है। यह मिग-21 की तुलना में ज्यादा सुरक्षित, तेज, और बहुमुखी है। X पर @BharatFirst ने लिखा, 'तेजस मार्क-1ए भारत की आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। मिग-21 की विदाई दुखद है, लेकिन तेजस नया इतिहास लिखेगा।'
भविष्य की उड़ान: पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ जेट
मिग-21 और मिग-29 की रिटायरमेंट के साथ भारतीय वायु सेना अब भविष्य की ओर देख रही है। ANI की रिपोर्ट के अनुसार, भारत पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट विकसित कर रहा है, जो वर्तमान में केवल अमेरिका, रूस, और चीन जैसे देशों के पास है। यह जेट, जिसे एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) कहा जा रहा है, भारत की हवाई ताकत को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
एक युग का अंत, नई शुरुआत
मिग-21 की विदाई भारतीय वायु सेना के लिए एक भावुक पल है। इसने न केवल युद्ध के मैदान में भारत की ताकत दिखाई, बल्कि कई पायलटों की कहानियों को भी जन्म दिया। लेकिन बार-बार होने वाली दुर्घटनाओं ने यह साफ कर दिया कि अब समय है बदलाव का। तेजस मार्क-1ए और भविष्य में AMCA जैसे विमानों के साथ भारत का आसमान अब ज्यादा सुरक्षित और मजबूत होगा।
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