विवाद के बावजूद मुंबई में सरपट दौड़ने को तैयार मेट्रो

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि अगर मेट्रो ऑपरेटर मुंबई मेट्रो वन प्राइवेट लिमिटेड (एमएमओपीएल) कांट्रैक्ट में दिए प्रारंभिक किराए पर सहमत होता है तो ही वह इस सेवा का उद्घाटन करेंगे।
मेट्रो सर्विस के बाद मुंबई की सड़कों पर ट्रैफिक कम होने और उपनगर की रेलवे से यात्रा करने वाले यात्रियों को राहत मिलने की संभावना है।
एमएमओपीएल के निदेशक देबाशीष मोहंती ने हालांकि कहा कि अगर मुख्यमंत्री इस सेवा का उद्घाटन नहीं करते हैं तो भी वह रविवार को इस सर्विस का उद्घाटन करेंगे।
चव्हाण ने मीडिया से कहा कि मैं इस शर्त पर मेट्रो सेवा का उद्घाटन करने पर सहमत हुआ हूं कि कंपनी कांन्ट्रैक्ट में दिए किराए पर ही बनी रहेगी। अगर वह बढ़ोत्तरी करना चाहते हैं तो उन्हें इसके कारणों को सही ठहराने के लिए किराया निर्धारण समिति के पास जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मुंबई मेट्रोपोलिटन क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) किराया बढ़ोत्तरी के खिलाफ बंबई उच्च न्यायालय की शरण में गया है।। एमएमओपीएल अनिल अंबानी की रिलायंस इंफ्रास्टक्चर, वेओलिया ट्रांसपोर्ट और एमएमआरडीए का ज्वाइंट वेंचर्स हैं।
मोहंती ने कहा कि (इस सेवा का उद्घाटन करना या नहीं करना) यह मुख्यमंत्री का फैसला है। हमने उन्हें आमंत्रित किया है और उनकी पुष्टि का इंतजार है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय मेट्रो कानून के तहत मेट्रो रेलवे प्रशासक एमएमओपीएल को किराया तय करने का अधिकार है।
इससे पहले शनिवार को एमएमओपीएल के सीईओ अभय मिश्र ने कहा कि प्रोजेक्ट के पहले चरण, 11.4 किलोमीटर लंबे वर्सोवा-अंधेरी-घाटकोपर विस्तार पर से मेट्रो चलनी शुरू हो जाएगी और हर चार मिनट के अंतर पर ट्रेनें मिलेंगी।
शनिवार को बीजेपी सांसद किरीट सोमैया ने जबर्दस्ती मेट्रो सर्विस शुरू करने की धमकी दी थी। इसके बाद रविवार को ऑपरेटर ने मेट्रो सर्विस शुरू करने से जुड़ी घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने बीजेपी पर किराया बढ़ाने के मकसद से रिलायंस इंफ्रास्टक्चर की मदद के लिए दबाव बनाने की रणनीति अपनाने का प्रयोग करने का आरोप लगाया।
कंपनी ने कहा कि वह हर दिन 200 से 250 ट्रेनें चलाएगी, जिनमें 11 लाख यात्री सफर कर सकेंगे। हर डिब्बे में 375 यात्री सवार हो सकते हैं जबकि पूरी ट्रेन की यात्री क्षमता 1500 है। मुंबई में पहले से ही मोनोरेल सेवा काम कर रही है।
यहां चार महीने पहले एक फरवरी को उपनगरीय चेंबूर और वडाला इलाकों के बीच देश की पहली मोनोरेल चलनी शुरू हुई थी। मेट्रो सेवा में एक तरफ के सफर के लिए न्यूनतम टिकट 10 रुपए का जबकि अधिकतम टिकट 40 रुपए का होगा।












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