महबूबा मुफ्ती बोलीं- अनपढ़ लोग कर सकते हैं पाकिस्तान से युद्ध की बात, दोनों देशों के पास परमाणु हथियार
नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल(सीआरपीएफ) के काफिले में हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तल्खी बढ़ गई हैं। इस हमले के बाद दोनों तरफ से युद्ध की धमकियां और जवाबी हमले किए जा रहे हैं। जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट(पीडीपी) प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को इसे लेकर टिप्पणी की। महबूबा ने कहा कि युद्ध की बातें सिर्फ अनपढ़ लोग कर सकते हैं। गौरतलब है कि पुलवामा आतंकी हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे।

दोनों देशों के पास परमाणु हथियार
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि इस समय केवल अनपढ़ लोग ही युद्ध की बातें कर सकते हैं। दोनों देशों के बीच परमाणु हथियार हैं और जब संवाद का विकल्प उनके पास मौजूद हैं। मुझे नहीं लगता कि युद्ध का सवाल उठना चाहिए। दरअसल 14 फरवरी को पुलवामा में जैश-ए-मोहम्मद के आंतकी द्वारा कार से सीआरपीएफ के काफिले में आत्मघाती हमला करने के बाद पाकिस्तान से बदला लेने की मांग उठ रही है। पुलवामा हमले के बाद कई लोगों ने ट्विटर पर पीएम मोदी से पाकिस्तान पर एक और सर्जिकल स्ट्राइक की मांग की थी।

इमरान खान ने भारत को दी धमकी
मंगलवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और पूर्व क्रिकेटर इमरान ने पुलवामा हमले के बाद पहली प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने भारत को चेतानवी देते हुए कहा था कि अगर हम पर भारत की तरफ से कोई कार्रवाई होगी तो हम जवाबी हमले के लिए तैयार हैं। पाकिस्तान ने इस आतंकी हमले में किसी भी तरह से शामिल होने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि इस हमले से पाकिस्तान का कोई संबंध है।

'इमरान खान को मिले एक मौका'
महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को कहा था कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को एक मौका मिलना चाहिए। उन्होंने हाल ही में पद संभाला है। बेशक चुनावों की तुलना में युद्ध संबंधी बयानबाजी अधिक हो रही है। उन्होंने ये भी कहा था इमरान खान के कथनी और करनी में अंतर नहीं होना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान को बिना किसी
सबूत के दोषी नहीं ठहराया जा रहा है। मैं सहमत नहीं हूं। पाकिस्तान को पठानकोट का डोजियर दिया गया था लेकिन अपराधियों को दंडित करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया।












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