'चौथी लहर की आशंका नहीं', कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच एक्सपर्ट का राहत भरा दावा
Fourth Covid wave: देश में अचानक फिर से कोरोना के मामलों में तेजी से उछाल देखने को मिल रहा है। ऐसे में क्या लोग चौथी लहर का सामना करने वाले हैं? जानिए एक्सपर्ट का क्या कहना है?

कोरोना वायरस की दहशत को कोई कैसे भला भूल सकता है। देश के लोगों ने कोरोना की तीन लहरों का सामना किया है, जिसमें दूसरी तो सुनामी की तरह फैली, जिसने उथल-पुथल मचा दिया था। अब एक बार फिर से कोरोना बढ़ते मामलों ने खतरे की घंटी बजा दी है।
6 महीने बाद फिर से बढ़े नए मरीजों के बाद सरकार भी अलर्ट मोड पर आ चुकी है। ऐसे में मन के अंदर एक सवाल बार-बार आता है कि क्या फिर से किसी नई कोरोना की लहर का सामना करना पड़ सकता है। जिस पर एक्सपर्ट का कहना है कि कोरोना में आई उछाल से सतर्क रहने की जरूरत है, घबराने की नहीं।
विशेषज्ञों की मानें तो चौथी कोरोना लहर की संभावना नहीं है। हालांकि उन्होंने आने वाले 20 दिनों तक में केसों के बढ़ने की आशंका जताई है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के ंमुताबिक एक्सपर्ट्स का मानना है कि कोरोना के नए केस में मौजूदा उछाल किसी नई लहर का संकेत नहीं है।
उन्होंने कहा है कि उछाल क्योंकि हल्का है और कुछ दिनों में खत्म हो सकता है, शायद अप्रैल के दूसरे हफ्ते तक मामलों में गिरावट शुरू हो सकती है। इसी के साथ बताया कि जो लोग पहले से ही किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं या जो बुजुर्ग मरीज हैं उनके संक्रमित होने का खतरा ज्यादा है।
विशेषज्ञों ने बताया कि कोविड मामलों में मौजूदा उछाल पिछली तीन लहरों से अलग है। डॉ. शुचिन बजाज ने इंडिया टुडे से कहा कि वायरस का पैटर्न वही है जो 3 महीने पहले था, तब भी मामले उसी तरह बढ़ रहे थे, इस बार इन्फ्लुएंजा के डर से लोग अस्पतालों में जा रहे हैं और इस दौरान उनका कोरोना टेस्ट हो रहा है। इस वजह से कोरोना के मामले ज्यादा आ रहे हैं।
एक्सपर्ट के अनुसार कोविड के मामलों की संख्या बढ़ तो रही है, लेकिन इसकी रफ्तार धीमी है, ऐसे में चिंता की कोई बात नहीं है, लेकिन कोरोना गाइडलाइन का पूरा ध्यान रखना होगा।












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