भारतीय जवानों पर चीन की तरफ से microwave weapon से हमले की खबर निकली फर्जी
नई दिल्ली। चीन की पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी द्वारा पूर्वी लद्दाख में दो रणनीतिक चोटियों पर मौजूद भारतीय जवानों को वहां से पीछे धकलने के लिए 'माइक्रोवेव वेपन' का इस्तेमाल करने वाली रिपोर्ट को भारतीय सेना ने खारिज कर दिया है। प्रेस सूचना ब्यूरो की फैक्ट चेक यूनिट की तरफ से ये साफ तौर पर कहा गया है कि मीडिया के कुछ हिस्सों में प्रकाशित लद्दाख में भारत-चीन सीमा स्टैंड-ऑफ से संबंधित हालिया रिपोर्ट पूरी तरह फर्जी है। इसमें यह भी कहा गया है कि भारतीय सेना स्पष्ट करती है कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।

क्या थी पहली रिपोर्ट
एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया था कि चीन की पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी ने पूर्वी लद्दाख में दो रणनीतिक चोटियों पर मौजूद भारतीय जवानों को वहां से पीछे धकलने के लिए 'माइक्रोवेव वेपन' का इस्तेमाल किया था। यूके की अखबार दी टाइम्स ने पूर्वी लद्दाख में चीन की पीएलए की खौफनाक हरकत का खुलासा करते हुए बताया है कि भारत की ओर रणनीतिक तौर पर बेहद अहम दो चोटियों पर तैनात भारतीय जवानों पर उसने माइक्रोवव वेपन से हमला किया था।
रिपोर्ट के मुताबिक ऐसा इसलिए किया गया, ताकि पहाड़ की समारिक महत्त्व की चोटियां 'माइक्रोवेव ओवन' में तब्दील हो जाएं, जिससे मजबूर भारतीय सैनिकों को पीछे हटना पड़े और बिना कोई जंग लड़े चीन के सैनिक उन पोजिशनों पर फिर से कब्जा कर लें। ये रिपोर्ट बीजिंग स्थित रेन्मिन यूनिवर्सिटी में इंटरनेशनल रिलेशन्स के प्रोफेसर जिन कैनरॉन्ग के दावों पर आधारित है। प्रोफेसर ने एक लेक्चर के दौरान दावा किया है कि इससे पीएलए को बिना कोई हथियार दागे तनाव वाली जगह पर भारतीय जवानों से निपटने में मदद मिली। उन्होंने कहा, 'कहा जाता है कि 29 अगस्त को माइक्रोवेव हमला किया गया था।'












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