तीनों राज्यों में मायावती ने अकेले किया चुनाव लड़ने का ऐलान, दिग्गी पर फोड़ा ठीकरा
नई दिल्ली। इस साल के अंत में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मायावती ने कांग्रेस के साथ गठबंधन होने की संभावनाओं को खारिज कर दिया। मायावती ने साफ किया कि, बीएसपी राजस्थान और मध्य प्रदेश में अकेले चुनाव लड़ेगी। मायावती ने कहा कि राहुल और सोनिया गांधी दिल से चाहते थे कि, बीएसपी के साथ गठबंधन हो लेकिन दिग्विजय सिंह जैसे लोगों ने नहीं होने दिया।

दिग्विजय सिंह जैसे नेता गठबंधन नहीं होने देना चाहते थे
मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि, राहुल गांधी और सोनिया गांधी दिल से चाहते थे कि इन विधानसभा और लोकसभा चुनावों में कांग्रेस का बीएसपी के साथ गठबंधन हो, लेकिन मध्य प्रदेश में दिग्विजय सिंह जैसे नेता कांग्रेस और बीएसपी का गठबंधन नहीं होने देना चाहते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि, दिग्विजय सिंह सीबीआई और ईडी जैसी एजेंसियों के डर से ऐसा नहीं होने देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि, बीएसपी और कांग्रेस में गठबंधन ना होने पाए इसके पीछे दिग्विजय सिंह का निजी स्वार्थ शामिल है।

कांग्रेस पार्टी गठबंधन की आड़ में बीएसपी को समाप्त करना चाहती है
मायावती ने कहा कि, कांग्रेस बीजेपी से ज्यादा गैर-बीजेपी दलों को कमजोर करने की कोशिश में लगी रहती है। मध्य प्रदेश और राजस्थान में बीएसपी अकेले अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। हमारा कांग्रेस के साथ कोई गठबंधन नहीं होगा।कांग्रेस पार्टी पर हमला करते हुए मायावती ने कहा कि कांग्रेस पार्टी गठबंधन की आड़ में बीएसपी को समाप्त करना चाहती है। कांग्रेस का रवैया हमेशा की तरह बीजेपी को परास्त करना नहीं बल्कि अपनी विपक्षी पार्टियों को चित्त करने का रहा है।

कांग्रेस को गलतफहमी है कि वह अकेले ही बीजेपी को हरा देगी
मायावती ने दिग्विजय सिंह के उस बयान को गलत करार दिया जिसमें उन्होंने कहा कि था , कि सीबीआई की जांच के दवाब के चलते उन्होंने कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं किया। मायावती ने कहा कि, हम बाबा साहब के अनुयायी हैं और जो बाबा साहब का अनुयायी होता है वह किसी दूसरे के हाथ का खिलौन नहीं बन सकती हैं। मायावती ने आरोप लगाया कि, कांग्रेस ने बाबा साहब के निधन पर एक दिन का भी राष्ट्रीय शोक घोषित नहीं किया था। कांग्रेस पार्टी ने दलितो और शोषितों की आवाज उठाने वाले बाबा साहब को भारत रत्न देने में भी आना-कानी की। कांग्रेस को गलतफहमी है कि वह अकेले ही बीजेपी के साम, दाम, दंड भेद और ईवीएम जैसी चालों से पार पाकर जीत हासिल कर लेगी जो काफी हास्यास्पद है।

बीजेपी पर बोला हमला
मायावती ने कहा कि, पिछले परिणामों से साफ पता चलता है कि जहां बीजेपी का सीधा मुकाबला कांग्रेस से रहा वहां बीजेपी ने आसानी से जीत दर्ज की। वहीं बीजेपी पर हमला बोलते हुए मायावती ने कहा कि, बीजेपी की महिला विरोधी, पूंजीपतियों की सहयोगी और दमनकारी नीतियों के खिलाफ ही हमारी पार्टी ने गठबंधन करने का फैसला किया था।












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