भोपाल रेलवे स्टेशन के पास लगी भीषण आग, लकड़ी के गोदाम जलकर हुआ खाक, 25 दमकल गाड़ियां पहुंची
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मुख्य रेलवे स्टेशन के पास एक भीषण आग लग गई। यह घटना रविवार शाम करीब 7:30 बजे हुई, जिसमें पात्रा ब्रिज के निकट स्थित पाँच से छह लकड़ी के गोदाम जलकर खाक हो गए। आग की लपटें इतनी ऊँची थीं कि आसमान छूती हुई दिखाई दे रही थीं और चारों ओर घना धुआँ फैल गया था।
फिलहाल, आग लगने का कारण अज्ञात है और पुलिस इसकी जाँच कर रही है। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, गोदामों में रखी सूखी लकड़ी और फर्नीचर के कारण आग तेज़ी से फैली। दमकलकर्मियों के अथक प्रयासों के बावजूद, आग दो घंटे से अधिक समय तक बेकाबू रही। 25 से अधिक दमकल गाड़ियाँ आग बुझाने में लगी हुई थीं।

स्थानीय लोगों ने बताया कि आग बहुत बड़े क्षेत्र में फैल गई थी और कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रही थी। आग की लपटें इतनी तीव्र थीं कि उन्होंने रात के आकाश को रोशन कर दिया, जिससे आसपास के क्षेत्र में सुनहरी चमक फैल गई। धुएँ का घनत्व इतना अधिक था कि इसने पास के रेलवे स्टेशन पर भी दहशत फैला दी, जिसके चलते रेलवे अधिकारियों को एहतियाती तौर पर बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी।
जैसे-जैसे आग बढ़ती गई, पुलिस और दमकल विभाग की टीमें आग बुझाने और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास में जुटी रहीं। संपत्ति के मालिकों ने अपना सामान बचाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी तेज़ी से फैली कि उसने सब कुछ अपनी चपेट में ले लिया। दमकल विभाग को शाम 7:30 बजे आग लगने की सूचना मिली और तुरंत दमकल गाड़ियाँ घटनास्थल पर भेजी गईं।
हालांकि, आग के तेज़ी से फैलने और भारी मात्रा में सूखी लकड़ी तथा फर्नीचर होने के कारण इसे नियंत्रित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य साबित हुआ। नवीनतम रिपोर्टों के अनुसार, लगभग 20 से 25 दमकल गाड़ियाँ अभी भी आग बुझाने में लगी हुई थीं, और आग की लपटें कम होने का नाम नहीं ले रही थीं। आग के भीषण पैमाने के कारण दमकलकर्मियों को भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था, क्योंकि यह आग कई सौ वर्ग मीटर के क्षेत्र में फैल चुकी थी।
आग लगने का कारण अभी भी अज्ञात है और इसकी जाँच जारी है। पुलिस ने किसी भी संभावना को खारिज नहीं किया है, जिसमें आगजनी या बिजली का शॉर्ट सर्किट भी शामिल है। इस अग्निकांड से संबंधित आगे के घटनाक्रम की प्रतीक्षा की जा रही है।












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