100 माओवादियों ने गुमला में ढहाया कहर, 7 की हत्या पर किस लिये?
रांची। झारखंड के गुमला जिले में माओवादियों ने सात लोगों को गोली से उड़ा दिया। इस वारदात को मंगलवार की रात बरलांग गांव में अंजाम दिया गया। पुलिस के अनुसार 100 नक्सलियों ने गांव में आतंक मचाया और लोगों को मौत के घाट उतार दिया। लेकिन ऐसा पहली बार तो नहीं हुआ है। इससे पहले भी माओवादियों ने मासूमों पर कहर ढहाया है। क्या आपने कभी सोचा है, कि इनकी मांगें क्या हैं? अगर नहीं तो चलिये हम आपको बताते हैं कि आखिर ये नक्सली चाहते क्या हैं?
हम आपको बताना चाहेंगे नक्सलियों की मांगें 10 अलग-अलग श्रेणियों में बांटी गई हैं। पहली श्रेणी लोकतांत्रिक शासन की है जिसके अंतर्गत निम्न मांगें इनकी हैं-
- राज्य में पूर्ण लोकतांत्रिक वातावरण बनाया जाये, सरकार आम जनता के अधिकारों का सम्मान करे।
- सरकार को प्रदर्शन, शांतिपूर्ण प्रदर्शन और लोगों की बैठकों पर ऐतराज नहीं होना चाहिये।
- कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिरूा (माक्सिस्ट-लेनिनिस्ट) पीडब्ल्यू समेत कई नक्सली संगठनों पर प्रतिबंद हटाये जायें।
- पीपुल्स गुरिल्ला आर्मी पर प्रतिबंध हटाया जाये और उनकी मैनपावर का इस्तेमाल सरकार करे।
- माओवादियों के इलाकों से स्पेशल इंटेलीजेंस ब्यूरो की टीमों को हटाया जाये।
- माओवादियों के इलाकों से पैरा मिलिट्री फोर्सेस को हटाया जाये।
- जेल में बंद माओवादी नेताओं को छोड़ा जाये।
- उन पुलिसवालों को सजा दी जाये, जिन्होंने फर्जी मुठभेड़ में नक्सलियों/माओवादियों की हत्या की।
- सरकार एक-एक गांव को विकास की मुख्यधारा से जोड़े। सरकार अपने एजेंटों को तैनात करने की प्रथा बंद करे।
- छोटे-छोटे गैंग जैसे ग्रीन टाइगर्स, क्रांति सेना, पलनाडु टाइगर, तिरुमाला टाइगर और नईम गैंग, आदि पर नियंत्रण स्थापित करे।
- माओवादी संगठनों से जुड़े क्रांतिकारी लोगों पर चल रहे कोर्ट केस हटाये जायें।
आगे पढ़ें- माओवादियों की कृषि और उद्योग से जुड़ी मांगें।













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