लोकसभा में मनोहर पर्रिकर ने बताया ऑगस्ता घोटाले का सच
नई दिल्ली। ऑगस्ता घोटाले में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने इस घोटाले की पूरी जानकारी लोकसभा में रखी। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस घोटाले के पीछे बड़े लोगों का हाथ है हम उन लोगों के खिलाफ जांच कर रहे हैं।
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पर्रिकर के भाषण के मुख्य अंश
- त्यागी और खेतान ने सिर्फ बहती गंगा में हाथ धोया है, यह गंगा कहां जा रही है हम उसकी जांच कर रहे हैं।
- ऑगस्ता को डील देने के लिए जो कुछ भी किया जा सकता था किया गया। लेकिन जब चोरी सामने आयी तो कंपनी के खिलाफ कार्यवाही नहीं की गयी। जब मजबूरी बनी तब जाकर कंपनी के खिलाफ कार्यवाही की गयी।
- गौतम खेतान सहित कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। इनकी प्रापर्टी जब्त की गयी, रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया।
- 12 मार्च 2013 में जब सीबीआई कोर्ट ने जो केस दर्ज किया था उसे ईडी को नहीं दी गयी। ईडी ने उस दस्तावेज को कहां डाल दिया यह पता नहीं है।
- अभी भी 50.7 मिलियन यूरो की एडवांस राशि अभी तक नहीं मिली है।
- लेकिन फि मैकेनिका के चीफ की गिरफ्तारी के बाद रक्षा मंत्रालय ने मामला सीबीआई के पास भेजा। सरकार को मजबूरन यह मामला जांच के लिए भेजा गया।
- लेकिन 12 फरवरी 2013 में तीन हेलीकॉप्टर की डिलवरी कर दी गयी।
- एंबेसी ने सरकार को कहा कि यह जांच का मामला है जांच एजेंसी के पास जाइये, लेकिन सरकार ने कंपनी को कभी इस मामले में नहीं लिखा।
- 2012 फरवरी में इस मामले में घोटाला का मामला सामने आने के बाद रक्षा मंत्रालय ने कंपनी को कुछ भी लिखने की बजाए एंबेसी को लिखा कि इस मामले की जानकारी हासिल करें।
- फरवरी 2010 में एडवांस पेमेंट 15 पर्सेंट देना था। 250.32 मिलियन यूरो की राशि कंपनी को दे दी गयी।
- एक्सपर्ट का कहना है कि हमारी जरूरत के हिसाब से हेलीकॉप्टर उस वक्त के दाम के हिसाब से महंगी है।
- पहले हेलीकॉप्टर का प्राइस 15 मिलियन यूरो था लेकिन इसे 18 मिलियन यूरो में खरीदा गया जिसकी कोई भी वजह नहीं बतायी गयी।
- जब एक ही कंपनी टेंडर में हिस्सा ले रही थी, इसके बावजूद कंपनी को शर्तों में छूट दी गयी थी।
- टेंडर की दो शर्ते ऑगस्ता हेलीकॉप्टर पूरी नहीं रह रही थी।
- टेंडर डॉक्युमेंट ऑगस्ता वेस्टलैंड इटली को दिया गया लेकिन टेंडर ऑगस्ता वेस्टलैंड़ यूके ने भरा था।
- टेंडर डॉक्युमेंट में कहा गया था कि हेलीकॉप्टर का ट्रायल भारत में होगा
- रक्षा मंत्री ने शुरुआत में विरोध किया लेकिन बाकी लोगों ने ऐसा करने को कहा तो उन्होंने अपनी सहमति थी।












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