'खरीदारी मतलब Vocal For Local'-त्योहारों पर पीएम मोदी ने क्यों की ये अपील ? जानिए
नई दिल्ली, 24 अक्टूबर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेडियो पर प्रसारित होने वाले अपने मासिक कार्यक्रम 'मन की बात' के 82वें एपिसोड में एक बार फिर से 'वोकल फॉर लोकल' पर जोर दिया है। दो दिन पहले जब उन्होंने देश में कोरोना वैक्सीन की 100 करोड़ डोज पूरी होने की उपलब्धि पर राष्ट्र के नाम संबोधन किया था, तब भी इसपर जोर दिया था और बताया था कि किस तरह से देश ने 'मेक इन इंडिया' वैक्सीन से इतनी बड़ी सफलता हासिल हो सकी है। आज जब उन्होंने आने वाले महत्वपूर्ण त्योहारों को लेकर भी इस मुद्दे को उठाया है तो लोगों को खरीदारी करते समय लोकल सामानों की खरीद पर जोर देने की अपील की है।

खरीदारी मतलब 'वोकल फॉर लोकल'-पीएम मोदी
पीएम मोदी ने रेडियो पर हर महीने के आखिरी रविवार को सुबह 11 बजे प्रसारित होने वाले मन की बात कार्यक्रम में पहले तो दिवाली, गोवर्धन पूजा, भाई दूर से लेकर छठ पूजा की चर्चा की और फिर इसको लेकर होने वाली तैयारियों और उत्साह का जिक्र किया। इस दौरान उन्होंने त्योहारी खरीदारी की चर्चा करते हुए कहा कि "आपको याद है न, खरीदारी मतलब 'वोकल फॉर लोकल'। आप लोकल खरीदेंगे तो आपका त्योहार भी रोशन होगा और किसी गरीब भाई-बहन, किसी कारीगर, किसी बुनकर के घर में भी रोशनी आएगी।" प्रधानमंत्री ने यकीन जताया कि "जो मुहिम हम सबने मिलकर शुरू की है, इस बार त्योहारों में और भी मजबूत होगी।"
लोकल प्रोडक्ट के बारे में सोशल मीडिया पर बताने की अपील
गौरतलब है कि पहले दिवाली में चाइनीज लाइट्स की बाजारों में काफी भारी डिमांड रहती थी, क्योंकि वह लोकल के मुकाबले काफी सस्ती होती थीं। लेकिन, अब लोगों ने अब इस महत्त्व को समझा है और भारत में बनी प्रोडक्ट की डिमांड बढ़ी है। पीएम ने देश की जनता से अपील की है कि "आप अपने यहां के जो लोकल प्रोडक्ट्स खरीदें, उनके बारे में सोशल मीडिया पर शेयर भी करें। अपने साथ के लोगों को भी बताएं।"
'सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्ति की बात भूलना नहीं है'
चर्चा दिवाली की हुई उससे पहले पीएम ने एकबार फिर से स्वच्छता के विषय को भी उठाया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता की कोशिशें तभी पूरी तरह से सफल हो सकती हैं, जब हर नागरिक अपनी जिम्मेदारियों को समझे। इसके साथ ही उन्होंने सिंगल यूज प्लास्टिक जैसा अहम मुद्दा भी एक बार फिर से उठाया है। वो बोले, "मैं जब स्वच्छता की बात करता हूं तब कृपा कर के सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्ति की बात हमें कभी भी भूलना नहीं है। तो आइये, हम संकल्प लें कि स्वच्छ भारत अभियान के उत्साह को कम नहीं होने देंगे। हम सब मिलकर अपने देश को पूरी तरह स्वच्छ बनाएंगे और स्वच्छ रखेंगे।"
स्वच्छ भारत अभियान के तहत प्रधानमंत्री ने रांची, छत्तीसगढ़ के देऊर गांव और यूपी के गाजियाबाद में कुछ लोगों के प्रयासों से हुए बदलावों का भी जिक्र करते हुए कहा कि कैसे लोगों के योगदान से कहीं गंदी जगह सुंदर पार्कों में तब्दील हो गई तो कहीं तालाबों को साफ करके उसे फिर से जिंदा कर दिया गया। उन्होंने देऊर गांव की महिलाओं की स्वयं सहायता समूह के बारे में बताया कि कैसे वो लोग गांव के चौक-चौराहों, सड़कों और मंदिरों को साफ रखती हैं और अपने कार्य भी करती हैं।












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