Mann ki Baat: भारत की किन दो बहादुर बेटियों का पीएम ने किया जिक्र?
नई दिल्ली (जेएनएन)। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में 36वीं बार राष्ट्र को संबोधित किया। अपने इस खास कार्यक्रम में उन्होंने देश की दो बहादुर बेटियों स्वाति और निधि का जिक्र किया, जिनके पति दुश्मनों से लोहा लेते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए, लेकिन इन्होंने हिम्मत नहीं हारी और लेफ्टिनेंट के तौर पर सेना में शामिल हो गयीं। पीएम ने कहा कि पूरे देश को अपनी इन बहादुर बेटियों पर गर्व है।

लेफ्टिनेंट स्वाति और निधि
पीएम ने कहा कि भारतीय सेना को लेफ्टिनेंट स्वाति और निधि के रूप में दो वीरांगनाएं मिली हैं और वे असामान्य वीरांगनाएं है। असामान्य इसलिए हैं कि स्वाति और निधि मां भारती की सेवा करते-करते उनके पति शहीद हो गए थे लेकिन इन लोगों ने जो किया है, वो करना आसान नहीं।

कौन है स्वाति महादिक?
जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा में साल 2015 में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए कर्नल संतोष महादिक की पत्नी स्वाति सेना लेफ्टिनेंट बन गईं हैं। सेना भर्ती के लिए उन्होंने 11 महीने पहले सर्विस सलेक्शन कमीशन की परीक्षा पास की। फिर कड़ी ट्रेनिंग ली और अब उन्होंने सेना की वर्दी पहनकर पति का सपना पूरा किया है।

स्वाति महादिक दो बच्चों की मां
38 साल की स्वाति महादिक दो बच्चों की मां हैं और आर्मी आर्डिनेंस कोर ने उन्हें सेना में अधिकारी के रूप में शामिल किया। कर्नल महादिक सेना के 21 पैरा स्पेशल फोर्सेज के अधिकारी थे और उनके सहर्किमयों के अनुसार वह हमेशा आगे बढ़कर नेतृत्व करने के लिए जाने जाते थे।

शहीद नायक मुकेश दूबे की पत्नी निधि दुबे
तो वहीं सेना में शामिल होने वाली दूसरी वीरांगना का नाम है निधि दुबे, जो कि शहीद नायक मुकेश दूबे की पत्नी हैं। निधि दुबे के पति नाइक मुकेश कुमार भी जम्मू-कश्मीर में आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए थे।

पति की मौत के दौरान निधि गर्भवती थीं
पति की मौत के दौरान निधि गर्भवती थीं। पति की मौत के बाद निधि का सफर बहुत मुश्किलों से गुजरा। उनके ससुराल वालों ने उन्हें बेसहारा छोड़ दिया। लेकिन निधि ने हिम्मत नहीं हारी। अपनी मेहनत और लगन के बल पर वो आर्मी में ऑफिसर बनीं।












Click it and Unblock the Notifications