Manmohan Singh Memorial: मनमोहन सिंह के स्मारक पर ये कैसी राजनीति? अखिलेश यादव व मायावती ने किसे दे दी नसीहत?
Manmohan Singh Memorial: समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के अंत्येष्टि स्थल और उनके सम्मान में बनाए जाने वाले स्मारक को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। दोनों नेताओं ने इस मुद्दे पर राजनीति करने की आलोचना करते हुए कहा कि यह मामला केवल सम्मान का है, न कि राजनीतिक लाभ का।

गृह मंत्रालय ने पहले ही घोषणा की थी कि डॉ. मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार शनिवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ दिल्ली के निगमबोध घाट पर किया जाएगा। हालांकि, इस घोषणा के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों ने इस पर प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया। सबसे पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी और केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह इसे राजनीतिक बना रही है।
अखिलेश यादव ने अपने ट्विटर हैंडल 'एक्स' पर लिखा, ''देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की समाधि के संदर्भ में सम्मान की परंपरा का निर्वहन होना चाहिए। इस विषय पर न किसी राजनीति की आवश्यकता है, न होनी चाहिए।'' उन्होंने आगे कहा, ''डॉ. मनमोहन सिंह जी की समाधि राजघाट पर ही बननी चाहिए। भाजपा अपनी संकीर्ण सोच का अनुचित उदाहरण प्रस्तुत न करे। इतिहास भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) को उसके इस नकारात्मक नजरिये के लिए कभी माफ नहीं करेगा।''
वहीं, बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने भी इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी। मायावती ने कहा कि केंद्र सरकार को मनमोहन सिंह के परिवार और सिख समाज की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने लिखा, ''केंद्र सरकार को देश के पहले सिख प्रधानमंत्री रहे डॉ. मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार उसी स्थान पर करना चाहिए और उनके सम्मान में उसी स्थान पर स्मारक बनवाना चाहिए, जहां उनके परिवार की दिली इच्छा है।'' मायावती ने इस मामले में राजनीति करने से बचने की सलाह देते हुए कहा, ''इस विषय में अगर केंद्र सरकार उनके परिवार एवं सिख समाज की भावनाओं का सम्मान करती है तो यह उचित होगा।''












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