गुजरात में भगवद गीता के पाठ्यक्रम पर बोले सिसोदिया- 'नियम लाने वालों के कर्म रावण जैसे'

नई दिल्ली, 18 मार्च: बच्चों की शिक्षा के संबंध में गुजरात सरकार ने एक अहम फैसला लिया है, जिसके तहत शिक्षण वर्ष 2022-23 में पूरे राज्य में छठी से लेकर 12वीं कक्षा तक भगवद गीता पढ़ाई जाएगी। इसको लेकर अब विपक्षी दलों ने राजनीति शुरू कर दी है। दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने इस कदम का स्वागत तो किया, लेकिन उन्होंने बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला है।

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न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए सिसोदिया ने कहा कि निश्चित रूप से ये एक महान कदम है, लेकिन जो लोग इस नए पाठ्यक्रम को लेकर आए हैं, उन्हें पहले गीता के मूल्यों का अभ्यास करने की जरूरत है। उनके कर्म रावण की तरह हैं और वे गीता के बारे में बात करते हैं। वहीं होली पर डिप्टी सीएम ने कहा कि मैं देश के सभी लोगों को इस त्योहार की शुभकामनाएं देता हूं। होली हमें सिखाती है कि हमारी वास्तविकता सिर्फ एक नहीं बल्कि सभी रंगों में है।

गुजरात के शिक्षा मंत्री ने कही ये बात
मामले में गुजरात शिक्षा मंत्री जीतू वघानी ने कहा कि शैक्षिक वर्ष 2022-23 से स्कूली शिक्षा में भारतीय संस्कृति और ज्ञान प्रणाली को शामिल करने के लिए भगवद गीता को भी पढ़ाया जाएगा। पहले चरण में गीता में निहित मूल्यों और सिद्धांतों को कक्षा 6-12 से स्कूलों में पेश किया जा रहा है, ताकि छात्र इसको समझ सकें। कक्षा 6 से 12 के लिए पाठ्यक्रम को सभी प्रारूपों (प्रिंट और ऑडियो-विजुअल) में दे दिया जाएगा।

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