Manipur Violence: महिलाओं से बर्बरता करने के मामले में मुख्य आरोपी गिरफ्तार, अन्य की भी हुई पहचान
हिंसाग्रस्त मणिपुर का एक शर्मसार कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें भीड़ ने दो महिलाओं को नग्न अवस्था में घुमाया। पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही घटना में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान कर ली गई है।
मणिपुर पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी की पहचान हेरादास (32) के रूप में हुई है। उसे वायरल वीडियो की मदद से थौबल जिले से गिरफ्तार किया गया। आरोपी वीडियो में हरी शर्ट में दिखाई दिया था।

मामले में एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि शिकायत पर अपहरण, गैंगरेप और हत्या का मामला दर्ज किया गया था। घटना की खबर मिलते ही आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए 12 टीमों का गठन हुआ। जिनको सफलता मिल गई है। घटना में शामिल अन्य लोगों की धरपकड़ के लिए भी अलग-अलग जगहों पर दबिश जारी है।
4 मई की है घटना
दावा किया जा रहा कि ये घटना हिंसा भड़कने के तुरंत बाद यानी 4 मई की है। मणिपुर में इंटरनेट पर पूरी तरह से बैन था, ऐसे में बुधवार को ये सामने आया। जिसके बाद देशभर में हंगामा मच गया।
21 जून को हुई FIR
वहीं मामले में इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम ने 21 जून को पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवाई। जिस पर आईपीसी की धारा 153ए, 398, 427, 436, 448, 302, 354, 364, 326, 376, 34 और शस्त्र अधिनियम की धारा 25(1सी) के तहत मामला दर्ज हुआ।
FIR के मुताबिक 4 मई को हजारों लोगों की भीड़ हाईटेक हथियारों के साथ बी. फेनोम गांव में घुसी। वहां पर उन्होंने जमकर हिंसा की। वहां मौजूद 5 लोगों का परिवार खुद को बचाने के लिए जंगल की ओर भागा। जिसमें दो पुरुष और तीन महिलाएं थीं। घटना की जानकारी मिलते ही नोंगपोक सेकमाई पुलिस स्टेशन की टीम जंगल पहुंची और परिवार को बचाया।
आरोप है कि भीड़ ने पुलिस से उन पांच लोगों को छुड़ा लिया। इसके बाद एक लड़की के साथ गैंगरेप हुआ। जब उसके छोटे भाई ने बचाने की कोशिश की, तो उसकी हत्या कर दी गई। घटना के बाद एक महिला भागने में कामयाब रही, जबकि दो लड़कियों को नग्न करके घुमाया गया।
सीएम ने क्या कहा?
सीएम ने ट्वीट कर लिखा कि वीडियो सामने आने के तुरंत बाद घटना का स्वत: संज्ञान लेते हुए मणिपुर पुलिस हरकत में आई और आज सुबह पहली गिरफ्तारी की गई। फिलहाल गहन जांच चल रही है और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, जिसमें मृत्युदंड की संभावना पर भी विचार किया जाएगा।












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