INDIA Alliance Manipur दौरा कर दिखावा कर रहा, सरकार संसद में चर्चा को तैयार, भाग रहीं विपक्षी पार्टियां: भाजपा
Opposition Leaders के इंडिया गठबंधन पर भाजपा नेताओं ने तीखा प्रहार किया है। बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा, विपक्ष को कहीं भी जाने का अधिकार है. लेकिन, संसद सत्र चल रहा है। सरकार चर्चा के लिए तैयार है तो फिर भाग क्यों रहे हैं?
सुशील मोदी ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने हंगामा और गतिरोध पैदा कर पिछले 7 दिनों से उन्होंने संसद नहीं चलने दी है। मोदी विपक्षी सांसदों के प्रतिनिधिमंडल के मणिपुर दौरे पर एक सवाल का जवाब दे रहे थे।

भाजपा सांसद और राष्ट्रीय अध्यक्ष के लक्ष्मण ने कहा, विपक्षी दल संसद सत्र नहीं चलने दे रहे हैं, जबकि सरकार उनके सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है...वे कोई चर्चा नहीं चाहते...लोगों का पैसा बर्बाद हो रहा है।'' बता दें कि लक्ष्मण भाजपा ओबीसी मोर्चा पदाधिकारी हैं।
विपक्षी नेताओं के मणिपुर जाने और एकजुटता पर पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और बीजेपी विधायक सुवेंदु अधिकारी ने कहा, ''इंडिया नाम का गठबंधन से कोई लेना-देना नहीं है।
सुवेंदु ने कहा, विपक्षी एकजुटता परिवारवादियों और भ्रष्ट लोगों का समूह है. इन लोगों का साझा एजेंडा ईडी और सीबीआई को रोकना है। बता दें कि कांग्रेस, राजद, तृणमूल कांग्रेस और डीएमके के कई सांसदों की टीम मणिपुर के हिंसा पीड़ितों से मिलने गई है।
भाजपा नेताओं के हमलों से पहले शनिवार को विपक्षी प्रतिनिधिमंडल की कई टीमों ने मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में राहत शिविरों का दौरा किया। नेताओं ने अपना प्रतिनिधिमंडल न भेजने के लिए केंद्र की आलोचना की।
इंडिया अलायंस के बैनर तले मणिपुर पहुंचे विपक्षी दलों का कहना है कि उनकी यात्रा संकट में फंसे लोगों को कुछ "मनोवैज्ञानिक उपचार" प्रदान करने का एक तरीका है। कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने राहत शिविर में पीड़ितों से मुलाकात के बाद कहा कि सभी काफी डरे हुए दिख रहे हैं।
तृणमूल कांग्रेस सांसद सुष्मिता देव ने बीजेपी की आलोचना करते हुए कहा कि केंद्र को इसके बजाय हिंसा प्रभावित मणिपुर में एक प्रतिनिधिमंडल भेजना चाहिए था। कांग्रेस सांसद ने कहा. अगर प्रधानमंत्री मोदी 'सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल' के साथ मणिपुर का दौरा करेंगे तो विपक्षी नेता उनके साथ होंगे।
गौरतलब है कि मणिपुर का वायरल वीडियो जिसमें दो महिलाओं को नग्न परेड कराया गया, इस घटना के बाद संसद में जमकर हंगामा हो रहा है। मणिपुर की स्थिति पर चिंताएं गहरा रही हैं। 4 मई से जातीय झड़पें हो रही हैं।
21 सदस्यीय विपक्षी प्रतिनिधिमंडल हिंसा प्रभावित मणिपुर की दो दिवसीय दौरे पर पहुंचा है। शनिवार को मणिपुर की राज्यपाल अनुसुइया उइके ने विपक्षी नेताओं के दौरे पर आग्रह किया कि नेताओं को हिंसा प्रभावित पूर्वोत्तर में शांति और व्यवस्था की बहाली में योगदान देना चाहिए।
गवर्नर ने सभी पक्षों और हितधारकों से राज्य को पटरी पर लाने में मदद करने का भी आह्वान किया। प्रतिनिधिमंडल में शामिल नेताओं ने पहले भी कहा था कि वे अपनी यात्रा के दौरान कोई भी राजनीतिक मुद्दा उठाने से परहेज करेंगे। केवल जमीनी स्तर पर स्थिति जानने पर फोकस होगा।
दोनों सदनों के 21 सदस्यीय विपक्षी प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी, गौरव गोगोई, के सुरेश और फूलो देवी नेताम शामिल हैं। जदयू के राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह; तृणमूल कांग्रेस से सुष्मिता देव; डीएमके से कनिमोझी भी मणिपुर दौरे पर हैं।
इनके अलावा सीपीआई के संतोष कुमार; सीपीआई (एम) से एए रहीम, राजद के मनोज कुमार झा; सपा के जावेद अली खान; झामुमो की महुआ माजी; एनसीपी के पीपी मोहम्मद फैज़ल; जेडीयू के अनिल प्रसाद हेगड़े भी मणिपुर के हिंसाग्रस्त इलाकों के पीड़ितों से मिलने पहुंचे हैं।
आईयूएमएल के ईटी मोहम्मद बशीर; आरएसपी के एनके प्रेमचंद्रन; AAP के सुशील गुप्ता; शिवसेना (यूबीटी) के अरविंद सावंत; वीसीके के डी रविकुमार; वीसीके के थिरु थोल थिरुमावलवन भी और आरएलडी नेता जयंत सिंह भी संवेदनशील प्रदेश- मणिपुर का दौरा कर रहे हैं।












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