Mamata Banerjee: SIR को लेकर ममता बनर्जी ने केंद्र को घेरा, BLOs की मौत पर कह दी बड़ी बात
Mamata Banerjee: देश में मतदाता सूची से जुड़े स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) अभियान ने अचानक राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। तेजी में चल रहे इस काम का असर सबसे ज़्यादा बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) पर पड़ रहा है, जो घर-घर जाकर दस्तावेज़ों की जांच से लेकर रिकॉर्ड अपडेट करने तक कई जिम्मेदारियों में जुटे हैं।
लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में अलग-अलग राज्यों से BLOs की मौत की खबरें आने लगीं, जिनमें से कई को तनाव और दबाव से जोड़कर देखा जा रहा है। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसी मुद्दे पर सबसे तीखा बयान देते हुए कहा कि SIR को जल्दबाज़ी में लागू करने का फैसला कई कर्मचारियों की जान पर भारी पड़ रहा है, और इस पूरी प्रक्रिया की ज़िम्मेदारी तय होनी चाहिए।

ममता ने कहा, "मेरे पास पूरी जानकारी है कि किसकी मौत आत्महत्या से हुई और किसकी तनाव में। कई लोग आज भी जान दे रहे हैं। गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान में BLOs की मौत के लिए कौन ज़िम्मेदार है? आखिर इतनी जल्दी किस बात की थी?"
#WATCH | Kolkata: On the death of BLOs and SIR, West Bengal CM Mamata Banerjee says, "I cannot say anything about this. I have the entire record of who died by suicide, who died due to trauma. Several people are still dying by suicide. Who is responsible for the BLOs death in… pic.twitter.com/7QVzubF2dx
— ANI (@ANI) November 26, 2025
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"धमकी देकर काम करवाया जा रहा है"
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कई जगह BLOs को धमकाया जा रहा है कि अगर वे काम समय पर पूरा नहीं करेंगे तो नौकरी चली जाएगी या उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने सवाल किया, "आप दूसरों की नौकरी की धमकी देते हैं, लेकिन आपकी खुद की नौकरी कितने दिन बचेगी? लोकतंत्र रहेगा, लेकिन नौकरी की गारंटी नहीं।"
लगातार मौतों से बढ़ी नाराजगी
ममता ने कहा कि राजस्थान, यूपी, गुजरात, केरल, तमिलनाडु और बंगाल-कई राज्यों में BLOs की मौत हुई है और उनकी मांगें पूरी तरह सही हैं। कोलकाता में संविधान दिवस के सरकारी कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि काम जो तीन साल में होना चाहिए था, उसे दो महीने में पूरा करने का दबाव डालना अमानवीय है।
कोलकाता में BLOs का धरना
कुछ BLOs ने कोलकाता के मुख्य चुनाव अधिकारी के दफ़्तर पर धरना दिया था। 48 घंटे बाद उनकी बात सुनी गई और उसके बाद धरना खत्म हुआ। ममता ने इसे "अमानवीय" बताया और कहा कि इतना इंतज़ार करना बहुत गलत है।
यूपी में एक और मौत
मंगलवार को उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के एक BLO ने तनाव के कारण आत्महत्या कर ली। इससे पहले भी कई राज्यों में इसी तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
ममता ने CEC को लिखा पत्र
पिछले हफ्ते ममता बनर्जी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पत्र लिखकर बंगाल में SIR प्रक्रिया रोकने की अपील की थी।
उन्होंने कहा कि अगर यह प्रक्रिया योजना बनाकर की जाती तो उनकी पार्टी इसका स्वागत करती।
"संविधान खतरे में है"
कार्यक्रम में ममता ने संविधान की प्रस्तावना पढ़ी और कहा कि आज लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और संघीय ढाँचे पर दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने X पर लिखा, "जब लोकतंत्र और बराबरी जैसे मूल्य खतरे में हैं, हमें संविधान द्वारा दिए गए रास्ते की रक्षा करनी होगी।"
ममता ने कहा कि मतदान अधिकार छीने जा रहे हैं और समाज को बांटने की कोशिश की जा रही है। ऐसे समय में लोगों को एकजुट होकर अपने अधिकार बचाने होंगे।
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