West Bengal SIR Controversy: पश्चिम बंगाल में SIR पर सियासी जंग तेज, वोटर लिस्ट को लेकर TMC करेगी बड़ी बैठक
West Bengal SIR Controversy: जैसे-जैसे चुनाव आयोग (ECI) की SIR प्रक्रिया पश्चिम बंगाल में आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे राजनीतिक विवाद तेज होता जा रहा है। जहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस कदम का समर्थन कर रही है, वहीं कांग्रेस और पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) इसे लेकर तीखा विरोध जता रही हैं।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को अराजकता करार दिया और आरोप लगाया कि यह एक सुनियोजित चाल है जिसके चलते आम नागरिकों और विशेषकर बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) को भारी तनाव से गुजरना पड़ रहा है।

उन्होंने दावा किया कि तीन हफ्तों में 16 BLOs की मौत हुई है, जिनमें दिल का दौरा, तनाव और आत्महत्याएँ शामिल हैं। राहुल गांधी ने X पर लिखा, "SIR सुधार नहीं, एक थोपे गए अत्याचार जैसा है।"
TMC की आज बड़ी बैठक
तृणमूल कांग्रेस 24 नवंबर को SIR पर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक करने जा रही है, जिसकी अध्यक्षता महासचिव अभिषेक बनर्जी करेंगे। पार्टी का कहना है कि कई जिलों में समस्याएँ सामने आ रही हैं और सुनिश्चित करना होगा कि किसी मतदाता का नाम लिस्ट से न छूटे।
इस बीच TMC ने आरोप लगाया कि नादिया जिले के कल्याणी में SIR सहायता शिविर को BJP समर्थकों ने तोड़कर जला दिया। पार्टी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर बीजेपी पर हमला बोला। मामले में जांच शुरू हो गई है।
ममता बनर्जी की चुनाव आयोग को चिट्ठी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी SIR प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर कहा कि यह प्रक्रिया, असंगठित, अव्यवस्थित और खतरनाक है। इसके लिए BLO को ठीक से ट्रेनिंग नहीं दी गई है और ना ही दस्तावेज़ों को लेकर लोगों में जो कन्फ्यूजन है उसे दूर किया गया है। लोगों से घर-घर मिलना, उनके कार्य समय में संभव नहीं हो पा रहा है। उन्होंने चुनाव आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
बंगाल में BLO की मौत के बाद हंगामा
एक बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) शांति मुनी एक्का की कथित आत्महत्या के बाद मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है। इसे लेकर राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने कहा है कि घटना की विस्तृत जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जल्दबाजी में किसी निष्कर्ष पर पहुँचना उचित नहीं होगा और चुनाव आयोग निश्चित रूप से सभी बिंदुओं की गंभीरता से समीक्षा करेगा।
इधर, इस मुद्दे पर BJP ने ममता बनर्जी पर सीधा हमला बोला है। BJP नेता राम कदम ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या ममता बनर्जी को डर है कि SIR की प्रक्रिया के दौरान बंगाल में घुसपैठियों के नाम हटाए जा सकते हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि TMC सरकार ने बांग्लादेशी घुसपैठियों को वोटर सूची में शामिल करवाया था और SIR उसी "जाल" को साफ कर रहा है। BJP का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में चुनाव पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होंगे।
बता दें कि, देशभर में मतदाता सूची की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में जारी है। इनमें अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद अंतिम मतदाता सूची 7 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी।












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